सोमा मुंडा के गांव चलागी पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देते पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा।
जागरण संवाददाता, खूंटी। झारखंड आंदोलनकारी और अबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में जिले का माहौल गुरुवार को पूरी तरह गर्म रहा।
हत्या के विरोध में पूरे जिले में बंद का आह्वान किया गया था। इसका व्यापक असर देखा गया। जिला मुख्यालय के अलावा तोरपा, कर्रा, मुरहू, गोविंदपुर सहित सभी क्षेत्रों में छोटी बड़ी सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
हत्या से आक्रोशित लोगों ने भगत सिंह चौक के पास सोमा मुंडा के शव को सड़क पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया और हत्या के आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की।
हत्या के विरोध में बंद को विभिन्न आदिवासी संगठनों के अलावा भाजपा, कांग्रेस, झामुमो समेत अन्य दलों के कार्यकर्ता और खूंटी चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी समर्थन दिया है।
बंद के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और शहर के भगत सिंह चौक, नेताजी चौक समेत सभी प्रमुख चौक चौराहों को जाम कर हत्या के आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करने लगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोमा मुंडा की निर्मम हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। उनका आरोप है कि प्रशासन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
वहीं, पार्थिव शरीर के पास खड़ी सोमा मुंडा की पत्नी अमृता मुंडा भावुक होती रहीं। उन्होंने बताया कि उनके पति लंबे समय से जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्षरत थे। इसी संघर्ष के कारण उनकी हत्या की गई है।
अमृता मुंडा ने कहा कि वर्षों से जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ने वाले उनके पति की हत्या कर दी गई, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने हेमंत सरकार से राज्य में पेसा कानून को सख्ती से लागू करने और राज्य की खनिज संपदा और आदिवासियों की जमीन लूट पर कड़ाई से रोक लगाने की मांग की जिसके लिए उनके पति आजीवन संघर्ष करते रहे। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए मुखर रहने के कारण ही सोमा मुंडा की हत्या हुई है।
प्रदर्शन के कारण घंटो रहा सड़क जाम
प्रदर्शन के दौरान सुबह 10 बजे तक शहर के सभी प्रमुख चौक चौराहों को जाम कर दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया।
लेकिन प्रदर्शनकारी डीसी एसपी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। बाद में लगभग 4:30 बजे डीसी और एसपी अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे ।
आक्रोशित लोगों से वार्ता कर और उनकी मांगों पर जिला प्रशासन की ओर से समुचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद लगभग 5:00 बजे सड़क पर रखे शव को उठाकर सड़क जाम समाप्त कराया गया।
7 घंटे से अधिक समय तक चले सड़क जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई, वहीं खूंटी से रांची, चाईबासा, सिमडेगा, तमाड़, कर्रा आदि सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों का परिचालन ठप रहा।
जिला प्रशासन और सरकार के विरुद्ध की नारेबाजी
प्रदर्शनकारी इस बात से भी आक्रोशित थे कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी न तो सांसद पहुंचे और न ही विधायक। इसे लेकर प्रदर्शनकारी स्थानीय सांसद विधायक के साथ ही जिला प्रशासन और सरकार के विरुद्ध भी नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोमा मुंडा की हत्या जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हुई है। इसलिए उन्हें शहीद का दर्ज दिया जाए।
इससे पूर्व पोस्टमार्टम के बाद जुलूस के रूप में सैंकड़ों लोग दोपहर 12 बजे नारेबाजी करते भगत सिंह चौक पहुंचे और शव को सड़क पर रख विरोध प्रदर्शन किया।
वहीं पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने सोमा मुंडा को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि भी दी। शाम लगभग 5:00 बजे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और मुआवजे तथा सरकारी नौकरी आदि के मांगों पर सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिए जाने के बाद सोमा मुंडा के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव चलागी ले जाया गया।
सांसद, विधायक सहित कई लोगों ने की हत्या की निंदा
खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा , तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा, पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा और कोचे मुंडा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, नईमुद्दीन खान, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रकाश टूटी, पूर्व सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार, मांडर के पूर्व विधायक देव कुमार धान, अबुआ झारखंड पार्टी के
केंद्रीय अध्यक्ष रिलन होरो, पूर्व मंत्री गीता श्री उरांव, चंद्र प्रभात मुंडा, मार्शल बारला, जिप अध्यक्ष मसीह गुड़िया,दयामणि बारला, मथुरा कंडीर , दुर्गावती ओड़ेया, शंकर सिंह मुंडा, सुरजू हस्सा , योगेश राम वर्मा, फ्रैंकलिन धान सहित अनेक नेताओं ने हत्या की कड़ी निंदा की है और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।
आश्रित को सरकारी नौकरी, 5 करोड़ मुआवजा देने की मांग
प्रदर्शन कारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक आठ सूत्री मांग पत्र उपायुक्त आर राॅनिटा को सौंपा गया। जिसमें हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार कर फांसी देने, सोमा मुंडा के आश्रित को सरकारी नौकरी और 5 करोड़ रूपया मुआवजा देने, जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए जान गवाने वाले सोमा मुंडा को शहीद का दर्जा देकर राजकीय सम्मान देने, सोमा मुंडा
द्वारा संचालित चलागी उच्च विद्यालय को जिला प्रशासन गोद लेकर उसे आवासीय विद्यालय में तब्दील करने समेत अन्य मांगे शामिल हैं।
जल्द हत्यारों को पकड़कर मामले का किया जाएगा खुलासा : एसपी
खूंटी एसपी मनीष टोप्पो ने कहा कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन के लोग हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए तत्परता से जुटे हुए हैं। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल कर रही है।
तकनीकी सहायता एवं अन्य सूत्रों से हत्यारों की पहचान की जा रही है। पुलिस को कुछ सूत्र भी हाथ लगे हैं जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने कहा कि जल्द ही घटना में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
अर्जुन मुंडा ने होम सेक्रेटरी से बात कर मामले पर संज्ञान लेने को कहा
खूंटी के चलाएगी गांव में बिरसा उच्च विद्यालय का संचालन करने वाले अबुआ झारखंड पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा उनके गांव चलागी पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने होम सेक्रेटरी से बात कर मामले को संज्ञान में दिए । जिसके पश्चात् होम सेक्रेटरी द्वारा उपायुक्त आर रॉनिटा को जानकारी व मामले पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तदोपरांत उपायुक्त आर रॉनिटा, एसपी मनीष टोप्पो सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भगत सिंह चौक स्थित जाम स्थल पर आकर आगे की कार्रवाई की और फिर खूंटी जाम मुक्त हो पाया।
बाद में अर्जुन मुंडा ने सोमा मुंडा के स्वजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। यह जानकारी उनके आप्त सचिव संजय बासु ने दी। |