search

पासपोर्ट में लापरवाही पड़ी भारी: हाईकोर्ट ने रीजनल पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र सिंह को माना दोषी, जारी किया नोटिस

cy520520 Yesterday 21:56 views 743
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, रामपुर। पासपोर्ट जारी करने के संबंध में पारित आदेशों का पालन न करने के दो अलग-अलग मामलों में रीजनल पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र सिंह फंस गए हैं। हाई कोर्ट ने उन्हें प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी मानते हुए नोटिस जारी कर तलब किया है।
इनमें एक मामला सिविल लाइंस निवासी पेट्रोल पंप संचालक मोहम्मद जुबैर शमसी से जुड़ा है।

उनका पासपोर्ट 29 मई 2024 को खो गया था, जो 2028 तक वैध था। पासपोर्ट के खो जाने पर उन्होंने द्वितीय प्रति जारी करने के लिए पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया था। पासपोर्ट अधिकारी ने आख्या मांगी तो पुलिस ने आवेदक के विरुद्ध शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के जयतोली गांव में आवेदक के प्लाट पर अवैध गन्ना तौलाई का मामला दर्ज होने की आख्या प्रस्तुत कर दी।

जबकि यह मुकदमा किसी जुबैर खान नाम के व्यक्ति के खिलाफ दर्ज है। जबकि पेट्रोल पंप संचालक का जयतोली गांव में कोई प्लाट भी नहीं था। पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया था। पेट्रोल पंप संचालक ने इस फर्जी मुकदमे को हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद आवेदक के खिलाफ न्यायालय में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी।

हाई कोर्ट के आदेश की जानकारी देने के बावजूद क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने उनका पासपोर्ट जारी नहीं किया। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने 14 जुलाई 2025 को रीजनल पासपोर्ट अधिकारी को चार सप्ताह में आवेदक को पासपोर्ट जारी करने के आदेश दिए। निर्धारित समय बीतने तक पासपोर्ट जारी नहीं हो सका।

इस पर पीड़ित ने दोबारा हाई कोर्ट की शरण ली और हाई कोर्ट में अपने अधिवक्ता हाजी कमाल अख्तर खां के माध्यम से अवमानना याचिका प्रस्तुत की। अधिवक्ता के अनुसार हाई कोर्ट ने रीजनल पासपोर्ट अधिकारी को प्रथम दृष्टया अवमानना का दोषी पाते हुए नोटिस जारी कर तलब किया है।

दूसरा मामला मुहल्ला जियारत हल्के वाली निवासी हस्सान उल्ला खां से जुड़ा है। उन्होंने अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए जुलाई 2024 में पासपोर्ट कार्यालय बरेली में आवेदन किया था। आरोप है कि पासपोर्ट अधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध शहर कोतवाली व गंज कोतवाली में एनआरसी संबंधी प्रदर्शन से संबंधित दो अलग-अलग मामले दर्ज होना बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। इस पर आवेदक हाई कोर्ट चले गए।

हाई कोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारी को आदेशित किया कि आवेदक द्वारा संबंधित न्यायालयों से अनापत्ति प्रस्तुत करने पर आवेदक का पासपोर्ट नवीनीकृत कर दिया जाए। आवेदक ने दोनों न्यायालयों से अनापत्ति प्राप्त कर पासपोर्ट अधिकारी के पास जमा कर दिए। बावजूद इसके पासपोर्ट अधिकारी ने 10 वर्ष के बजाय मात्र एक साल के लिए पासपोर्ट नवीनीकृत किया।

इस पर आवेदक ने दोबारा हाई कोर्ट गए और वहां से 10 वर्ष के लिए पासपोर्ट नवीनीकृत का आदेश ले आए। पासपोर्ट अधिकारी ने हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। मजबूर होकर आवेदक ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने रीजनल पासपोर्ट अधिकारी को अवमानना का दोषी मानते हुए नोटिस जारी कर तलब किया है।

दोनों मामलों हाई कोर्ट के अधिवक्ता हाजी कमाल अख्तर खां ने बताया कि हाई कोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारी को एक माह के भीतर आदेश का पालन करने का अवसर भी दिया है। यदि आदेश का पालन नहीं किया तो उन्हें हाई कोर्ट में प्रस्तुत होकर स्पष्टीकरण देना होगा।




यह भी पढ़ें- कहाँ गायब हुई \“पाकिस्तानी\“ टीचर? रामपुर पुलिस के लिए चुनौती बनी फरार महिला, फाइलें खंगाल रहा विभाग
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
145198

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com