नवादा में आरटीई नामांकन प्रक्रिया सुस्त
जागरण संवाददाता, नवादा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निजी विद्यालयों में नामांकन की प्रक्रिया जिले में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। स्थिति यह है कि जिले के मान्यता प्राप्त कुल 419 निजी विद्यालयों में से अब तक केवल 208 विद्यालयों ने ही पोर्टल पर अपना इंटेक (सीट क्षमता) भरा है, जबकि शेष विद्यालयों द्वारा अब तक आवश्यक जानकारी अपलोड नहीं की गई है।
इधर, बच्चों के आवेदन की संख्या भी काफी कम है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक मात्र 156 बच्चों ने ही आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन के लिए आवेदन किया है। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों की संख्या को देखते हुए यह आंकड़ा कहीं अधिक होना चाहिए था।
अभिभावकों में जागरूकता की कमी
शिक्षा विभाग का मानना है कि आवेदन कम होने के पीछे अभिभावकों में जागरूकता की कमी, पोर्टल से जुड़ी तकनीकी समस्याएं और कई निजी विद्यालयों की ओर से समय पर इंटेक विवरण अपलोड नहीं किया जाना प्रमुख कारण हैं।
विभाग द्वारा लगातार विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया जा रहा है कि वे समय रहते पोर्टल पर आवश्यक जानकारी भरें, ताकि नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।
जीविका सहित अन्य विभागों से सहयोग लेकर कमजोर परिवारों तक पहुंचाई जा रही सूचना
जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से बताया गया है कि अधिक से अधिक बच्चों का आवेदन सुनिश्चित करने के लिए अब अन्य विभागों से भी सहयोग मांगा गया है। विशेष रूप से जीविका और आईसीडीएस (समेकित बाल विकास सेवा) से समन्वय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
इन दोनों विभागों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सूचना पहुंचाई जाएगी, ताकि पात्र अभिभावक समय रहते अपने बच्चों के लिए आवेदन कर सकें।
पात्र बच्चों की सूची तैयार करने पर जोर
जीविका दीदियों और आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से घर-घर संपर्क कर आरटीई के प्रावधानों की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया समझाने और पात्र बच्चों की सूची तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि सभी संबंधित विभाग मिलकर प्रयास करें, तो आवेदन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। विभाग ने निजी विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इंटेक भरने और आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि आरटीई के तहत पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। |
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