शहर के 10 से ज्यादा बड़े कॉन्वेंट स्कूल के बच्चे पड़ रहे नशे की गिरफ्त में. Concept Photo
उदय सेठ, हल्द्वानी । किशोर नशे के आदी हो रहे हैं। तमाम प्रयासों और जागरूकता के बावजूद नशे की गिरफ्त में आने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि हो रही है। उत्तराखंड के दूसरे प्रमुख शहर हल्द्वानी के नामी कॉन्वेंट स्कूलों से इस तरह के काफी मामले डा. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में आ रहे हैं। जिसमें लड़के ही नहीं बल्कि लड़कियां भी नशे की चपेट में आ चुकी हैं। छात्र डाइल्यूटर से नशा कर रहे हैं तो छात्राएं नेल पॉलिश सूंघकर अपने भविष्य को खराब कर रही हैं।
अभिभावक भी परेशान हो चुके हैं। बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन व माता-पिता उनको एसटीएच के मनोचिकित्सा विभाग में भेज रहा है। जहां मनोविज्ञानी उनकी काउंसलिंग कर रहे हैं। अस्पताल के मनोविज्ञानी डा. युवराज पंत ने बताया कि हर महीने चार से पांच ऐसे मामले आ रहे हैं। जिसमें बच्चों की आयुवर्ग 12 से 18 वर्ष के बीच है। माता-पिता का गैर जिम्मेदार रवैया बच्चों का भविष्य खराब कर रहा है। बच्चों के बदलते स्वभाव, चिड़चिड़ापन, ज्यादा पैसे मांगना इस स्वजन को निगरानी रखनी जरूरी है। कई बार नशे से ग्रसित बच्चे कुछ न मिलने पर थिनर, डाइल्यूटर, वाइटनर, नेल पाॅलिश तक का नशा कर रहे हैं।
छात्रा की पानी की बोतल में मिली वोदका, मचा हड़कंप
हल्द्वानी के बड़े निजी स्कूल से गंभीर मामला सामना आया है। जहां एक छात्रा की पानी की बोल में वोदका मिली है। इसकी पुष्टि होने पर स्कूल प्रबंधन के होश उड़ गए। किशाेर अवस्था में होने से स्कूल प्रबंधन ने बच्ची के माता पिता को इसकी शिकायत की। इसके बाद बच्ची को नशे की लत छुड़वाने के लिए उसकी काउंसलिंग चल रही है।
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