कैप्टन हंसजा शर्मा की मां ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। देश की पहली रुद्रा हेलीकाप्टर पायलेट कैप्टन हंसजा शर्मा गणतंत्र दिवस में परेड 251 आर्मी एविएशन स्कवार्डन का नेतृत्व कर जम्मू कश्मीर का नाम रोशन कर रही हैं।
काम्बैट एविएशन ट्रेनिंग स्कूल नासिक में सिल्वर चीता ट्राफी जीतकर इतिहास रचने वाली जम्मू की बेटी अब गणतंत्र दिवस परेड़ में अपने स्कवार्डन का नेतृत्व कर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर रही हैं। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के दौरान कैप्टन हंसजा शर्मा ने अपनी जीप पर लगी हेलीना गाइडेड मिसाइल के साथ स्कवार्डन का नेतृत्व कर एविएशन कोर की मारक क्षमता का परिचय दिया।
हेलीना गाइडेड मिसाइल काे रुद्रा हेलीकाप्टर से दुश्मन के किसी लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए लांच किया जा सकता है। परेड़ में अपने स्कवार्डन का नेतृत्व करने का हंसजा शर्मा का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ।
मुझे अपनी बेटी पर गर्व है, उसे बड़ी मेहनत से वर्दी मिली है
माता रशिम शर्मा का कहना है कि यह प्रभु की कृपा है कि बेटी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रही है। उनका कहना है कि यह मेरे यह बहुत गर्व की बात है कि गणतंत्र दिवस में परेड का नृतत्व कर रही है। देश की रक्षा कर रही सेना व सैनिकों को सलाम करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। उसे बड़ी मेहनत से वर्दी मिली है।
वह देश की रक्षा के लिए खड़ी है। आज मुझे मेरी बेटी के नाम से जाना जा रहा है। बेटी का अपने सपने को साकार करने यह सफर बहुत मुश्किल था।
जम्मू की कैप्टन हंसजा शर्मा कड़ी मेहनत से भारतीय सेना की पहली महिला रुद्र हेलीकाप्टर पायलट बनी। ट्रेनिंग के दौरान सबसे आगे रहने पर उन्हें सिल्वर चीता ट्राफी मिली थी। जम्मू के रिहाड़ी कालोनी की रहने वाली कैप्टन हंसजा पत्रकार रश्मि शर्मा की बेटी है।
कड़ी मेहनत कर उन्होंने सेना में अधिकारी बनने का सपना साकार किया था। इस दौरान कई बार उन्हें मेडिकल परीक्षणों के दौरान आंखों व वजन के कारण रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। अपनी कमियों को दूर कर उन्होंने कामयाबी हासिल की। सेना में अधिकारी बनने में एनसीसी की ट्रेनिंग भी बहुत काम आई। |
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