जागरण संवाददाता, सुपौल। शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजाेर वर्ग के छात्र-छात्राओं के नामांकन की प्रक्रिया में लापरवाही बरती जा रही है। निजी स्कूल इंटेक कैपेसिटी की जानकारी नहीं दे रहे हैं। विभाग की ओर से इसको लेकर ज्ञानदीप पोर्टल लांच किया गया है। इसके माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को कक्षावार अपनी कुल सीटों की स्थिति स्पष्ट करनी है।
कुल सीट में से 25 प्रतिशत सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला किया जाएगा। इसको लेकर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में इसी रिक्ति के आधार पर बच्चों को स्कूल आवंटित किया जाएगा।
इसकी रिपोर्ट में जिले की स्थिति बेहद खराब है। सभी 11 प्रखंडों को मिलाकर कुल 317 स्कूल पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं, जबकि इनमें से अबतक 87 स्कूलों ने ही इनटेक कैपेसिटी की रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज की है, जबकि विभाग द्वारा 9 जनवरी तक इनटेक कैपेसिटी अपलोड करने की अंतिम तिथि निर्धारित है।
अब जबकि निर्धारित तिथि में महज एक दिन का समय शेष है तो ऐसे में शेष बचे समय में 230 विद्यालय अपना इनटेक कैपेसिटी अपलोड कर देंगे फिलहाल संभव होते नहीं दिख रहा है। जाहिर सी बात है कि यदि स्थिति में बदलाव नहीं होता है तो फिर कमजोर वर्ग के बच्चों को इसका लाभ मिल पाएगा। फिलहाल विभाग की ओर से नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है।
50 स्कूलों की इंटेक कैपेसिटी डीईओ द्वारा स्वीकृत
पोर्टल पर दर्ज जिलावार रिपोर्ट में जिले में स्वीकृत 317 निजी स्कूलों के मुकाबले अब तक मात्र 87 स्कूलों ने अपनी सीट इंटेक कैपेसिटी अपडेट की है। इनमें से 50 स्कूलों की इंटेक कैपेसिटी डीईओ द्वारा स्वीकृत हो चुकी है, जबकि 37 स्कूलों की फाइल डीईओ स्तर पर लंबित है। सबसे गंभीर स्थिति उन 230 स्कूलों की है, जिन्होंने अब तक पोर्टल पर अपनी इंटेक कैपेसिटी अपलोड ही नहीं की है।
इससे स्पष्ट है कि आरटीई के तहत नामांकन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे जिले में तैयारी की रफ्तार धीमी है और समय पर अपलोड नहीं करने से बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन बाधित हो सकता है।
निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर ऐसे बच्चों का होना है नामांकन
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर वैसे अलाभकारी समूह के बच्चों का दाखिला होगा जिनके अभिभावक की वार्षिक आय एक लाख रुपये तक होगी। कमजोर वर्ग की श्रेणी में वैसे बच्चों का ही आवेदन लिया जायेगा, जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय दो लाख रुपये तक होगी। दाखिले के लिए बच्चों की जन्मतिथि दो अप्रैल 2017 से एक अप्रैल 2019 के बीच होनी चाहिए। |
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