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जागरण संवाददाता, इटावा। नए साल का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद शीतलहर और गलनभरी सर्दी बरकरार हैं। हालत यह है कि आसमान साफ होने पर बुधवार की सुबह कोहरा न होने की वजह से धूप निकली, जो पूरे दिन रही जरूर, लेकिन शीतलहर चलने की वजह से धूप बेअसर रही और लोगों को दोपहर में आग जलाकर बैठना पड़ा।
कुल मिलाकर लोग कड़ाके की सर्दी से ठिठ़ुरते रहे और सर्दी से बचने के लिए चाय और काफी पीते रहे। कार्यालयों में हीटर के सहारे अधिकारी और कर्मचारी काम करते रहे। शाम पांच बजते ही सर्दी ने फिर से अपनी पकड़ बनानी शुरू कर दी। अधिकतम तापमान 14 व न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार को हाड़कंपाने वाली सर्दी की वजह से जिलाधिकारी आवास के नजदीक एक अज्ञात महिला (40) बेहोशी की अवस्था में सड़क किनारे पड़ी मिली। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने यह जानकारी आपदा प्रबंधन केंद्र को देने के बाद जिला आपदा विशेषज्ञ अवनीश कुमार दुबे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
महिला की बोल चाल से लगता है कि वह बंगाल की रहने वाली है। लेकिन उसके पास किसी भी तरह का कोई पहचान पत्र नहीं है। चिकित्सकों के अनुसार महिला अब खतरे से बाहर है।
बात बीते तीन दिनों की करें तो इटावा का न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। इन तीन दिनों में लगातार दो दिन इटावा प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। जबकि एक बार प्रदेश में दूसरा सबसे सर्द जिला रहा।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कड़ाके की सर्दी लोगों को सिर से लेकर पैर तक कंपकपाने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है। मौसम का जो पूर्वानुमान है उसके अनुसार भी अगले कुछ दिनों में हाड़कपाऊ सर्दी से राहत मिलने की संभावना कतई नजर नहीं आ रही है।
मौसम विज्ञानी डा.एसएन सुनील पांडेय के अनुसार तापमान में एक दो डिग्री का उतार चढ़ाव हो सकता है। बीमार बुजुर्ग और बच्चों को ऐसे मौसम में बाहर न निकलने दें। पाला पड़ने की संभावना को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि जितनी भी रबी की फसलें हैं उनमें नमी बनाए रखें।
अभी 24 से 48 घंटे बारिश होने की संभावना नहीं है। कोहरे में दृश्यता कम होने पर ड्राइविंग करने वालों को सलाह दी है कि सावधानी पूर्वक वाहन चलाएं, फाग लाइट, इंडीकेटर जलाकर रखें, ओवर टेक कतई न करें। आगे वाले वाहन से दूरी बनाकर रखें। |
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