अमित यादव, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में फ्लोराइड प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है। वहां पानी में फ्लोराइड तीन पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) तक है, जो मानक से अधिक है। एक पीपीएम से ज्यादा आर्सेनिक वाले जिलों की संख्या 25 हो गई है, जो मानक से अधिक है।
18 ऐसे जिले भी हैं, जहां फ्लोराइड व आर्सेनिक दोनों ही भूजल में पाया गया है। ये आंकड़े राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के हैं। पूरा मामला लोकसभा तक में उठ चुका है लेकिन कोई स्थायी समाधान अब तक निकलता नहीं दिख रहा है।
प्रदेश में वर्ष 2009-10 से राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण मिशन चल रहा है। इस मिशन के तहत उन्नाव, रायबरेली, फिरोजाबाद, मथुरा, प्रतापगढ़ में फ्लोराइड की रोकथाम का कार्यक्रम चलाया गया। इसी दौरान पता चला कि वाराणसी, गाजीपुर, झांसी, सोनभद्र, आगरा में भी भूजल में फ्लोराइड मानक से अधिक है।
इन जिलों में भी स्वच्छ पानी के लिए अभियान चलाकर, ऐसे हैंडपंप पर लाल निशान लगाकर पानी लेने पर रोक लगा दी गई, जहां भूजल में फ्लोराइड अधिक मात्रा में मिला था, लेकिन इसका बहुत फायदा नहीं मिला।
भूजल में फ्लोराइड और आर्सेनिक के बढ़ते स्तर को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर वर्ष 2016 में एक सर्वे शुरू किया गया था। वर्ष 2019 में पूरे हुए सर्वे में पता चला था कि फ्लोराइड और आर्सेनिक प्रभावित जिलों की संख्या कई गुणा बढ़ी हुई थी।
जन सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन ने इन प्रभावित जिलों के नामों की जानकारी मुहैया कराई थी। जिसमें फ्लोराइड प्रभावित जिलों की संख्या 10 से 63 होने की जानकारी दी गई, लेकिन प्रयास के नाम पर बहुत कुछ नहीं हुआ।
फ्लोराइड प्रभावित जिले
आगरा, अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमेठी, औरैया, बागपत, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, एटा, इटावा, अयोध्या, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जालौन, जौनपुर, झांसी, ज्योतिबा फुले नगर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, ललितपुर, हाथरस, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फर नगर, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, भदोही, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव, वाराणसी
आर्सेनिक प्रभावित जिले
आगरा, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, देवरिया, इटावा, अयोध्या, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, जौनपुर, अमरोहा, कुशीनगर, लखनऊ, महाराजगंज, मथुरा, मीरजापुर, पीलीभीत, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, उन्नाव,
फ्लोराइड व आर्सेनिक दोनों से प्रभावित जिले
अलीगढ़, बहराइच, बाराबंकी, इटावा, गाजीपुर, गोंडा, जौनपुर, झांसी, अमरोहा लखीमपुर खीरी, लखनऊ, महाराजगंज, मथुरा, मीरजापुर, संत कबीर नगर, सहारनपुर, सोनभद्र, उन्नाव। |