पेसा नियमावली को लेकर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने नियमावली की खामियों के प्रति पार्टी को सतर्क किया है।
- पूर्व वित्त मंत्री ने भरी बैठक में नियमावली की खामियों को लेकर पार्टी को सतर्क किया
- स्पष्ट कहा, ऐसी कोई स्थिति बनी तो मैं समुदाय का साथ दूंगा, पार्टी-सरकार का नहीं
राज्य ब्यूरो, रांची । पेसा नियमावली को लेकर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने नियमावली की खामियों के प्रति पार्टी को सतर्क किया है। उन्होंने बुधवार को आयोजित बैठक में स्पष्ट तौर पर कहा कि पेसा नियमावली एक्ट के अनुरूप नहीं हुआ तो वे आम लोगों और समुदाय का साथ देंगे, पार्टी का नहीं।
उन्होंने पार्टी को सतर्क कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के.राजू और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उनकी बात को सभी स्तब्ध होकर सुनते रहे। किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस की बैठक में सभी जिलों के प्रतिनिधि पहुंचे थे। इस दौरान सांसद, विधायक, जिला पर्यवेक्षक, जिला अध्यक्ष, बोर्ड निगम के अध्यक्ष, सदस्य एवं कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रही।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में एसआइआर, पेसा नियमावली, नगर निकाय चुनाव के संबंध में सांसदों, विधायकों एवं वरीय नेताओं से परामर्श लिया जा रहा था। इसी क्रम में अपनी बारी आते ही पूर्व मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने पार्टी और सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेसा को लागू करने के लिए तैयार नियमावली में कई कमियां हैं। विभिन्न समुदाय इस मुद्दे को उठा भी रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देने के लहजे में कहा कि इसमें सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के पीछे पेसा भी
छत्तीसगढ़ में पिछला चुनाव कांग्रेस बुरी तरह से हार गई। यहां 2023 में पेसा लागू हो चुका था। जानकारी के अनुसार बैठक में बताया गया कि वहां भी नियमावली बनाने में चूक हुई थी और इसी चूक के कारण आदिवासी मतदाता कांग्रेस से दूर हो गए। इसके पूर्व के चुनाव में कांग्रेस को 29 में से 26 सीटों पर जीत मिली थी, जो बाद में बढ़कर 27 हो गई थी। |
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