लेस्लीगंज का पारा माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के बाद अलग नजारा देखने को मिल रहा है, ओस की बूंदें घास एवं झाड़ियों पर जम गई हैं।
जागरण संवाददाता, रांची-कांके-मैक्लुस्कीगंज। रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में कोहरे और कनकनी का असर देखने को मिल रहा है। मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान .5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यहां दिन में भी घना कोहरा देखने को मिल रहा है। ओस की बूंदें जम जा रही हैं।
खलारी कोयलांचल और मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरे इलाके में भीषण शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा छाया रहता है, जिससे लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
अत्यधिक सर्दी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर सड़कों और बाजारों पर दिखाई दे रहा है, जहां सामान्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा हुआ है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव, गर्म कपड़े, कंबल और हीटर का सहारा ले रहे हैं।
वहीं, कांके का 2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को राजधानी में खिली धूप ने लोगों को ठंड से थोड़ी राहत अवश्य दी है लेकिन अगले दो दिनों तक ठंड का असर यूं ही जारी रहेगा।
जिले के बाहरी क्षेत्रों में सुबह-सुबह घने कोहरे का असर भी देखने को मिल रहा है। ठंड से आम जनजीवन बाधित है तो बह रही हल्की व मध्यम दर्जे की हवा ने कनकनी बढ़ा दी है। बता दें कि मैक्लुस्कीगंज का न्यूनतम तापमान .5 डिग्री सेल्सियस तो शिमला का 2 डिग्री सेल्सियस है। वहीं, चंडीगढ़ और अंबाला का 9 डिग्री सेल्सियस तापमान है।
अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में नहीं होगा कोई बदलाव
पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहा। राज्य में कहीं कहीं पर हल्के और मध्यम दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा का दर्ज किया गया।
वहीं, कांके का 2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। राजधानी रांची का अधिकतम 19.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान में बताया गया कि 8 जनवरी को दक्षिणी हिस्से पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां, उत्तर पश्चिमी क्षेत्र पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के साथ साथ निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गुमला और बोकारो में शीतलहर की संभावना बनी रहेगी।
इन जिलों के लिए विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले तीन दो दिनों 8 और 9 जनवरी को न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों यानी 10, 11 और 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
अगले चार दिन राजधानी का इतना रहेगा तापमान
- 8 जनवरी : अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस
- 9 जनवरी : अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस
- 10 जनवरी : अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस
- 11 जनवरी : अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस
खलारी कोयलांचल शीतलहर की गिरफ्त में
खलारी कोयलांचल और मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र में ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार गिरते तापमान का असर प्रकृति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मैक्लुस्कीगंज में सुबह के समय ओस की बूंदें जमने लगी हैं, जिससे घास, पत्तों और वाहनों पर बर्फ जैसी सफेद परत नजर आ रही है।
इससे ठंड का असर और भी तीव्र हो गया है। शीतलहर का सबसे अधिक प्रभाव बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। ठंड से जुड़ी बीमारियों की आशंका को देखते हुए लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
हालांकि, खलारी कोयलांचल क्षेत्र में दोपहर करीब 12 बजे के बाद सूर्य के दर्शन होने से लोगों को कुछ राहत मिली, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से सामान्य हुआ।
मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सुरक्षित उपयोग करने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की अपील की है।
सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों से सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों और बस्तियों में अलाव की समुचित व्यवस्था करने की मांग भी उठने लगी है। लगातार बढ़ती ठंड ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि तापमान और गिरा, तो आम जनजीवन पर इसका असर और गंभीर हो सकता है।
कांके में शीतलहर का प्रहार, ठिठुरन से थमा जनजीवन
कांके क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर अपना विकराल रूप दिखाया है। बीते 24 घंटों के दौरान शीतलहर के तीखे प्रहार से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
तापमान में अचानक आई गिरावट से सुबह और देर रात कंपकंपाती ठंड का असर साफ दिखाई दिया। हालांकि, क्षेत्र में वर्षा नहीं हुई (0.0 मिमी) फिर भी 2.6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और तेज कर दिया।
सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता प्रभावित रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण चौक-चौराहों और बस्तियों में अलाव जलते नजर आए।
विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों एवं असहाय लोगों के लिए ठंड परेशानी का सबब बनी हुई है। दोपहर में निकली हल्की धूप ने कुछ समय के लिए राहत दी लेकिन सूर्यास्त के साथ ही ठंड फिर से हावी हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी शीतलहर बने रहने की चेतावनी दी है। |
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