सामान्य दिखने वाला चश्मा, कमाल की तकनीक: ऑटो-फोकस से बदलेगा नजरिया। फोटो- एआई जेनरेटेड
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी चश्मा के घटते-बढ़ते नंबर से परेशान हैं। पास का चश्मा पहनकर दूर का सब धुंधला नजर आता है और अगर दूर का देखने वाला चश्मा का पहन लेते हैं तो पास का सब बहुत छोटा-छोटा दिखने लगता है तो चिंता की बात नहीं है, यह खबर आपके लिए ही है।
दरअसल, फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा स्मार्ट चश्मा बनाया है, जो पहनने वालों की जरूरत के हिसाब से खुद-ब-खुद लेंस और फोकस बदल लेते हैं। खास बात यह है कि दिखने में बिल्कुल आम चश्मों की तरह ही होते हैं, लेकिन इनमें लिक्विड क्रिस्टल लेंस और आई-ट्रैकिंग सेंसर लगे हैं। जैसे ही पहनने वाला किसी चीज को देखता है, लेंस का पावर उसी पल बदल जाता है और विजन क्लियर नजर आने लगता है।
इस स्मार्ट चश्मा को फिनलैंड की चश्मा बनाने वाली कंपनी आईएक्सआई (IXI) लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी के मुताबिक, ऑटोफोकस चश्मा में लगे आई-ट्रैकिंग सेंसर आंखों की दिशा पहचानते हैं और उसी के अनुसार, लेंस की पावर तुरंत बदल जाती है। इन चश्मों को रोज चार्ज करना होता है। इन चश्मों का वजन 22 ग्राम है।
कंपनी का दावा है कि ऑटोफोकस चश्मा मौजूदा बाइफोकल या वैरीफोकल लेंसों से बेहतर हैं, जिनमें अक्सर समस्या बनी रहती है। बता दें कि अभी के पारंपरिक लेंस पास और दूर की दृष्टि में मदद तो करते हैं, लेकिन उनमें सीमित एरिया होता है और बार-बार सिर या आंखों की पोजिशन बदलनी पड़ती है, जबकि ऑटो-फोकस चश्मों में यह परेशानी नहीं होगी।
IXI का कहना है कि इस तकनीक में फोटोडायोड और एलईडी का यूज किया गया है। दरअसल, फोटोडायोड्स रोशनी को इलेक्ट्रिक सिग्नल में बदलते हैं। एलईडी से निकलने वाली अदृश्य इंफ्रारेड रोशनी आंखों पर पड़ती है, जो आंखों से टकराकर वापस आती है। ऑटो फोकस चश्मा इसी रिफ्लेक्शन को मापकर यह समझ लेता है कि यूजर किस दूरी पर फोकस कर रहा है।
कंपनी का दावा है कि यह तकनीक एडेप्टिव आईवियर सेक्टर में एक बड़ा कदम है, क्योंकि यह बिना किसी झंझट और उलझन के आंखों को हर दूरी का स्पष्ट और सहज देखने का अनुभव कराती है, वो भी पारंपरिक मल्टीफोकल चश्मों की कमियों के बिना। |