जागरण संवाददाता, बेतिया। बेतिया राज की ऐतिहासिक और अरबों खरबों की भूमि से जुड़े कागजातों को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। राज के अभिलेखों का डिजिटाइजेशन तेजी हो रहा है। राज के कागजातों का डिजिटाइजेशन का काम काफी सावधानी और पूरी सतर्कता से किया जा रहा है।
जहां यह काम चल रहा है, वहां बाहरी व्यक्तियों की जाने की इजाजत नहीं है। इस कार्य में चार एजेंसियां लगाई गई हैं, जो पुराने और जर्जर दस्तावेजों को डिजिटल फार्मेट में सुरक्षित कर रही हैं।
राज कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अबतक कुल 10 लाख 69 हजार 269 पन्नों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जबकि अभी भी बड़ी मात्रा में कागजात स्कैन किए जाने शेष हैं। डिजिटाइजेशन का काम करीब एक साल से चल रहा है। कागजातों की अधिकता के कारण अभी इसमें काफी वक्त लगने की संभावना है।
कागजातों का डिजिटाइजेशन पूरा हो जाने के बाद आम लोगों को काफी सुविधा मिलने वाली है। बेतिया राज की जमीन, खाता, खेसरा, लीज और अन्य अभिलेखों से संबंधित सारी जानकारी एक क्लिक में ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगी। इससे न सिर्फ लोगों को कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति मिलेगी, बल्कि वर्षों से चले आ रहे विवादों और भ्रम की स्थिति भी काफी हद तक समाप्त होगी।
चार एजेंसियां कर रही है कागजातों का डिजिटाइजेशन
बेतिया राज के कागजातों का डिजिटाइजेशन के काम का ठेका चार एजेंसियों को दी गई है। आर्यन कंपनी, नींबूस कंपनी, साईं एडुकेयर कंपनी और डेस्टिंग आईटी कंपनी यह काम कर रही।
राज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्यन कंपनी तीन लाख 47 हजार 393 पन्ने, नींबूस कंपनी चार लाख 65 हजार 829 पन्ने, साईं एडुकेयर कंपनी एक लाख 54 हजार 753 पन्ने व डेस्टिंग आईटी कंपनी एक लाख एक हजार 294 पन्ने स्कैन कर चुकी है। शेष पन्नों के स्कैनिंग का काम जोर-शोर से चल रहा है।
राज की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कवायत तेज
राज के कागजातों के डिजिटाइजेशन के साथ ही राज की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कवायद भी शुरू कर दी गई है। राज की जमीन पर अवैध कब्जों की पहचान कर सूची तैयार की जा रही है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया जा रहा है। जैसे-जैसे डिजिटल रिकार्ड सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे वास्तविक और फर्जी दावों में फर्क स्पष्ट होता जा रहा है। इससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को कानूनी मजबूती मिल रही है।
बेतिया राज से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कागजातों का डिजिटाइजेशन बेतिया राज की संपत्तियों को सुरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल राज की भूमि और संपत्ति का संरक्षण होगा, वरन भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर रोक लग सकेगा। |
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