परिवार नियोजन कार्यक्रम में गड़बड़ी। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। परिवार नियोजन अभियान के तहत जिला स्वास्थ्य समिति से इंपैनल (सूचीबद्ध) निजी अस्पतालों ने राज्य सरकार की ओर से बिना इंपैनल चिकित्सकों से बंध्याकरण कराने का मामला सामने आया है। इस पर विभागीय स्तर से जांच शुरू कर दी गई है।
जांच पूरी होने तक सिविल सर्जन ने संबंधित निजी अस्पतालों के बकाया भुगतान पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही इंपैनल प्रक्रिया व भुगतान से जुड़े दिशा-निर्देशों को लेकर राज्य मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है।
संबंधित अस्पताल को अपने यहां पर ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की राज्य स्तर की सूची में इंपैनल की जानकारी मांगी गई है। सिविल सर्जन ने इस संबंध में जिला कार्यक्रम प्रबंधक से संबद्ध निजी अस्पतालों से जुड़ी रिपोर्ट तलब की है।
जांच में सामने आई अनियमितता
जानकारी के अनुसार, परिवार नियोजन अभियान के तहत वर्ष 2023 के बाद जिले में कुल 11 निजी संस्थानों को बंध्याकरण के लिए इंपैनल किया गया था। इन संस्थानों की ओर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का दावा किया गया है।
प्रस्तुत दस्तावेज की जांच में सामने आया कि कई संस्थानों ने इंपैनल सूची में शामिल होने के लिए जिन चिकित्सकों के नाम दिए थे, उनमें एमबीबीएस योग्य चिकित्सक के स्थान पर मूर्छक (एनेस्थेटिस्ट) का नाम दर्ज था।
साथ ही जो चिकित्सक शामिल हैं, उनके राज्य स्तर पर इंपैनल वाला प्रमाणपत्र नहीं दिया है। सिविल सर्जन डा.अजय कुमार ने तत्काल प्रभाव से भुगतान पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार द्वारा तय गाइडलाइन के अनुरूप आगे की कार्रवाई के लिए मार्गदर्शन मांगा है।
इधर, जिला स्वास्थ्य समिति ने सिविल सर्जन के आदेश से संबंधित संस्थानों के संचालकों को अवगत कराते हुए वर्ष 2023 में इंपैनल के समय जमा सभी दस्तावेज की पुनः जानकारी मांगी है। इसमें चिकित्सक के इंपैनल होने के कागजात मांगे गए हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने बताया सभी संबंधित संस्थाओं से प्राप्त जवाब व इंपैनल की सूची सिविल सर्जन को उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस बीच तत्काल भुगतान नहीं किया जाएगा।
इन अस्पतालों पर बकाया भुगतान का दावा
जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार जिन इंपैनल संस्थानों ने बकाया भुगतान का दावा किया है, उनमें आरोग्य हास्पिटल, मां सुभ्रदा स्मृति नर्सिंग होम, आशीष केयर एंड मैटरनिटी हास्पिटल, तिरुपति नर्सिंग होम, न्यू लीलावती हास्पिटल, इंद्र सेवा संस्थान, समित्रा हास्पिटल, जीवन दीप, प्रज्ञा सेवा सदन व देव सेवा आश्रम शामिल हैं।
इस संबंध में मां सुभ्रदा स्मृति नर्सिंग होम के संचालक विश्वेश्वर प्रसाद शंभु ने बताया उनके नर्सिंग होम का बकाया भुगतान पिछले तीन वर्षों से लंबित है। वर्ष 2023 से उनका संस्थान इंपैनल है और सभी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। सिविल सर्जन को जवाब दिया गया है। |