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ईरान में प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 27 लोग मारे जा चुके हैं। (फोटो सोर्स- X)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान में भारी उथल-पुथल मची हुई है। तेहरान में 28 दिसंबर को दुकानदारों की हड़ताल से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन तेजी से कई शहरों तक फैल गए हैं। पहले तो महंगाई और आर्थिक ठहराव के खिलाफ आवाज उठी, लेकिन जल्द ही ये सरकार विरोधी बड़े आंदोलन में बदल गए। सुरक्षा बलों से झड़पों में अब तक कम से कम 27 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने ये आंकड़े दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों की स्थिति गंभीर होती देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से मारेगा, जैसा उसकी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। ट्रंप ने ये नहीं बताया कि मदद किस रूप में होगी, न ही कोई तत्काल सैन्य या आर्थिक कदम की घोषणा की है। हालांकि, क्षेत्र में अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी बनी हुई है।
ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का कड़ा जवाब
ट्रंप के बयान से तनाव और बढ़ गया। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने यूएन महासचिव एंटोनियो गुटारेस और सुरक्षा परिषद के सदस्यों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने ट्रंप के \“लापरवाह और उकसावे वाले\“ बयानों की कड़ी निंदा करने की मांग की। इरावानी ने इसे यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वो प्रदर्शनों को भड़का रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी हस्तक्षेप क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाएगा।
\“मेक ईरान ग्रेट अगेन\“ टोपी ने मचाई खलबली
इस बीच तनाव को और हवा देने वाली एक तस्वीर सामने आई। इसमें ट्रंप सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ \“मेक ईरान ग्रेट अगेन\“ लिखी टोपी पकड़े हुए हैं, जिस पर उन्होंने साइन भी किए। ये फोटो रविवार देर रात की है, जब दोनों एयर फोर्स वन में फ्लोरिडा से वाशिंगटन जा रहे थे।
पहले ग्राहम ने एक इंटरव्यू में इसी टोपी के साथ ईरान सरकार के बदलाव की वकालत की थी। तस्वीर वायरल होने के बाद वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश नीति पर बहस छिड़ गई। डेमोक्रेट्स ने इसे बेहद खतरनाक उकसावा बताया है।
पिछले अमेरिका ने ईरान पर किया था हमला
पिछले साल जून में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के तीन मुख्य परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। ईरान ने जवाब में दोहा में अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दागीं थीं। ट्रंप ने तब से चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम या मिसाइल क्षमता दोबारा बनाएगा, तो नया संघर्ष होगा।
उन्होंने कहा, “अब सुना है कि ईरान फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है, तो हमें उन्हें फिर से गिराना पड़ेगा। हम उन्हें बुरी तरह गिराएंगे।“
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