सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, एटा। जिले में लगातार बढ़ रही ठंड और शीत लहर का प्रतिकूल असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। बीते 24 घंटे के दौरान ठंड के चलते पहले से बीमार चार लोगों की मौत हो गई। इनमें एक छात्रा सहित दो लोगों की हृदयघात से जान गई, जबकि दो वृद्धों की हालत बीपी अत्यधिक कम होने और सांस लेने में गंभीर परेशानी के चलते बिगड़ गई। सभी को स्वजन उपचार के लिए मेडिकल कालेज लाए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो की हृदयघात से मौत, अचलपुर की छात्रा की हृदयघात से जान जाने से परिजन आहत
मिरहची क्षेत्र के गांव अचलपुर निवासी प्रताप सिंह की बेटी 15 वर्षीय शिखा यादव की हृदयघात होने से मौत हुई है। स्वजन ने बताया कि बेटी पढ़ने में बहुत ही होनहार थी और भोजपुर नगला जवाहरी में स्थित एक विद्यालय में कक्षा नौ में बढ़ती थी। सोमवार रात आठ बजे उसे हृदयाघात हुआ। होने के बाद इलाज के बाद भी बचाया जा नहीं जा सका। बेटी की मौत से स्वजन बेहद आहत हैं। शहर के कटरा मुहल्ला निवासी अजीत वर्मा 40 वर्ष की मौत हृदयघात के बाद घबराहट होने व सांस ने में तकलीफ होने पर मंगलवार की सुबह 10 बजे मौत हुई है।
दो बुजुर्गों की बीपी व सांस की समस्या से गई जान
वहीं कुसमादेवी पत्नी अनोखे लाल 60 वर्ष निवासी श्यामपुर निधौली कलां की बीपी कम होने से जान चली गई। इनको तबियत खराब होने पर मंगलवार की सुबह छह बजे लाया गया, लेकिन मेडिकल कालेज पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मंगलवार की दोपहर दो बजे कल्लू सिंह 60 वर्ष निवासी नगला मानधाती थाना मिरहची को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में लाया गया। इनको सांस की परेशानी थी। आधा घंटा इलाज चलने के बाद सांसें थम गईं।
ठंड के मौसम में बरतें सावधानी
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, खासकर जब पहले से कोई समस्या हो। ठंड के कारण शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप में उतार-चढ़ाव होता है। बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
चिकित्सकों का कहना है कि ठंड में सांस की बीमारियां भी तेजी से बढ़ती हैं, जिससे कई बार स्थिति जानलेवा हो जाती है। लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, बच्चे और हृदय व सांस के रोगी ठंड से विशेष सावधानी रखें। गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
नहीं निकले सूरज, बढ़ी रहीं ठंड
मंगलवार को भी जिले में सूरज नहीं निकले, जिससे ठंड का असर और अधिक बढ़ गया। सुबह से ही आसमान में घना कोहरा छाया रहा और दोपहर तक सफेद चादर तनी रही। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम रही, जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। वाहन चालक दिन में भी लाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार सिंह के अनुसार, तापमान में कोई विशेष गिरावट दर्ज नहीं की गई, लेकिन सूरज न निकलने और ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई। न्यूनतम और अधिकतम तापमान लगभग स्थिर बना हुआ है, बावजूद इसके ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी और कोहरे की वजह से ठंड ज्यादा चुभन भरी हो जाती है। |