सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, एटा। थाना मिरहची क्षेत्र में युवक और किशाेरी ने अपने-अपने घरों पर फंदा लगाकर जान दे दी। दोनों ही पढ़ाई कर रहे थे। लड़का कोचिंग से लौटकर रोते हुए घर आया था और उसने कमरे में फंदा लगा लिया। मौत के बाद जब भीड़ एकत्रित हो गई तो किशोरी को पता चला और वह लड़के को देखने के लिए उसके घर पहुंच गई। वहां से लौटकर वह अपने घर पहुंची और उसने भी फंदा लगा लिया। इस दुखद घटना पर पूरा गांव दुखी है।
कोचिंग में पढ़ने के लिए जाते थे सेमरा
मंगलवार को सुबह 10 बजे 18 वर्षीय मुनेंद्र निवासी गढ़िया परसादपुर कोचिंग में पढ़ने के लिए गांव नगला सेमरा गया था। वहां से दोपहर दो बजे रोते हुए वापस आया था। उसके पास स्कूल बैग भी था। गांव के अन्य लड़कों ने उससे पूछा भी कि आखिर क्या बात है, मगर उसने किसी को कुछ भी नहीं बताया। घर पहुंचकर उसने अपने कमरे में छत के कुंदे से मफलर से फंदा लगा लिया। घटना के समय परिवार के लोग खेत पर गए थे।
गांव वालों ने बताया कि घटना के थोड़ी देर बार ही परिवार के लोग घर पहुंचे तो मुनेंद्र को फंदे पर लटका देखा। चीख-पुकार मचने लगी। इस दौरान लोग एकत्रित हो गए, तभी 16 वर्षीय किशोरी हिमानी भी मुनेंद्र को देखने के लिए पहुंची और तत्काल ही वापस अपने घर चली गई और उसने साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। उसने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया था।
कोचिंग से लौटकर रोते हुए आया था लड़का, लोगों को कुछ भी नहीं बताया
किशोरी के पिता अपनी गांव जिरसमी में स्थित दुकान पर थे। जब थोड़ी देर दरवाजा नहीं खुला तो घर की महिलाओं को पता चला, उन्होंने चीख-पुकार मचाई। लोगों ने दरवाजा तोड़कर किशोरी को फंदे से उतारा। इस दौरान उसे मेडिकल कालेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुनेंद्र को भी परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज लाए, मगर उसे भी मृत घोषित कर दिया गया।
इसके बाद दोनों के शव परिवार के लोग गांव ले गए। तब तक मामले की सूचना पुलिस को मिल गई। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए। गांव में प्रेम संबंधों की चर्चा है। मुनेंद्र इंटर और हिमानी कक्षा 11 में पढ़ रही थी। दोनों के स्कूल भी अलग-अलग थे।
मिरहची थाना प्रभारी नीतू वर्मा ने बताया कि मामला प्रेम संबंध का है। दोनों ने फंदा लगाकर जान दी है। फिलहाल कोई तहरीर नहीं पहुंची है, मामले की छानबीन की जा रही है। |