राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सर्दी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ गई है। मंगलवार को अधिकतम मांग रिकार्ड 5816 मेगावाट पहुंच गई। इससे पहले सर्दी में अधिकतम मांग पिछले वर्ष 5,655 मेगावाट रही थी। डिस्काम अधिकारियों का कहना है कि मांग को ध्यान में रखकर आवश्यक तैयारी की गई है, जिससे कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चत हो सके।
डिस्काम अधिकारियों का कहना है इस बार मांग छह हजार मेगावाट से ऊपर पहुंच सकती है। बीएसईएस के बिजली वितरण क्षेत्र में 3,900 मेगावाट मांग पहुंचने का पूर्वानुमान है। इसमें से 50 प्रतिशत से अधिक बिजली नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएगी। इसमें सौर, पवन, जलविद्युत, कचरे से ऊर्जा, हाइब्रिड परियोजनाएं और रूफटॉप सोलर शामिल हैं।
स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोतों से प्राप्त की जाएगी 35 प्रतिशत बिजली
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) प्रवक्ता का कहना है कि 35 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय व स्वच्छ ऊर्जा स्त्रोतों से प्राप्त की जाएगी। बिजली आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया है।
प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त फील्ड स्टाफ तैनात किए गए हैं। काल सेंटर टीम को भी सतर्क रखा गया है जिससे कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का शीघ्र समाधान हो सके। डिस्काम अधिकारियों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित उन्नत पूर्वानुमान तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
मंगलवार को बिजली की अधिकतम मांग
डिस्काम मांग (मेगावाट)
बीआरपीएल
2532
टीपीडीडीएल
1806
बीवाईपीएल
1158
एनडीएमसी
291
एमईएस
50
सर्दी के मौसम में दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग
वर्ष अधिकतम मांग (मेगावाट)
2026 (6 जनवरी)
5816
2024-25
5655
2023-24
5816
2022-23
5526
2021-22
5104
2020-21
5021
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