सांकेतिक तस्वीर।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली के करीब 50 साल पुराने और महत्वपूर्ण फ्लाईओवर में से एक जखीरा फ्लाईओवर की दशा सुधरेगी। दिल्ली सरकार ने इसके लिए 20 करोड़ की राशि मंजूर कर दी है। लंबे समय से इस फ्लाईओवर की दशा सुधारने के लिए मांग उठ रही थी। मगर पूर्व की सरकार द्वारा बजट न उपलब्ध कराने के कारण काम नहीं शुरू हो सका था।
पीडब्ल्यूडी के अनुसार जखीरा फ्लाईओवर दिल्ली का काफी पुराना फ्लाईओवर है। जखीरा फ्लाईओवर शादीपुर फ्लाईओवर के बनने के आसपास ही बनाया गया था। फ्लाईओवर पुराने होने के चलते इनके एक्सपेंशन ज्वाइंट और इलास्टोमेरिक बियरिंग में दिक्कत आने लगी है, जिन्हें बदला जाना है।
नए सिरे से बनेगी फ्लाईओवर की ऊपरी सतह
तापमान में बदलाव और गाड़ियों के गुजरने से होने वाले कंपन के कारण पुल में दरारें पड़ने से रोकने के लिए फ्लाईओवर के जोड़ छोड़े जाने वाले गैप को भरने के लिए एक्सपेंशन ज्वाइंट बनाया जाता है। कंक्रीट के बीच स्टील और रबड़ से इसे भरा जाता है।
यह पुल के स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए लगाया जाता है। पुल काफी पुराना होने के कारण अब इसे बदलने का प्लान बनाया गया है। फ्लाईओवर की ऊपरी सतह को भी नए सिरे से बनाया जाएगा। फ्लाईओवर की मरम्मत में लंबा समय लग सकता है। इसलिए यातायात पुलिस से भी इसके लिए मंजूरी मांगी गई है।
जखीरा फ्लाईओवर से लोगों को रोहतक रोड, अशोक विहार, इंद्रलोक, पटेल नगर, दयाबस्ती, और दिल्ली के अन्य हिस्सों जैसे मुख्य रिंग रोड और पुरानी दिल्ली के इलाकों तक जाने-आने में सुविधा मिलती है। यह नया रोहतक रोड पर एक महत्वपूर्ण कड़ी है। |