सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में निजी विद्यालयों को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निर्धन एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन लेने और उनकी पढ़ाई के एवज में बकाया राशि जल्द मिलेगी।
इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को संबंधित विद्यालयों को आरटीई मद की राशि के भुगतान का निर्देश दिया है। इससे पहले मंगलवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने निजी विद्यालयों की बकाया राशि को लेकर समीक्षा बैठक की।
उन्होंने निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत बच्चों के नामांकन की भी जानकारी ली। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में आठ जनवरी को निजी विद्यालयों के संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होने वाली है।
दरअसल, आरटीई के तहत राज्य के प्रस्वीकृत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर निर्धन परिवारों के बच्चों के निशुल्क नामांकन एवं निशुल्क पढ़ाई का प्रविधान है। इसके एवज में राशि की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों को की जाती है।
लेकिन, ज्यादातर निजी विद्यालयों द्वारा आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर निर्धन परिवारों के बच्चों के नामांकन और उनकी निशुल्क शिक्षा की प्रतिपूर्ति की राशि वर्ष 2011 से ही नहीं मिली है। इससे निजी विद्यालयों को शिक्षकों को वेतन संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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