सेक्टर 100 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा ढहाया गया अतिक्रमण। सौ. अधिकारी
जागरण संवाददाता, नोएडा। भूमाफिया और अतिक्रमणकारियों पर नोएडा प्राधिकरण ने जीरो टालरेंस नीति अपनाई है। इस नीति में मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा. लोकेश एम के पदभार संभालते ही और सख्ती हुई।
पदभार संभालने के बाद सीईओ के निर्देश पर चले अभियान में बीते दो वर्ष में 2745 करोड़ रुपए की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। इस कार्रवाई ने न केवल नोएडा के नियोजित विकास को मजबूतीउ दी, बल्कि आम जनता को भूमाफिया के जाल में फंसने से भी बचाया।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर की गई कार्रवाई
सीईओ लोकेश एम के सख्त निर्देश में प्राधिकरण की अर्जित भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चले। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डॉ. लोकेश एम ने प्राधिकरण की अर्जित भूमि पर हुए अवैध कब्जों की व्यापक समीक्षा की।
कब्जाधारियों की पहचान के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई। लगातार मिल रही शिकायतों पर भूलेख विभाग के एक लेखपाल को निलंबित करने का आदेश दिया गया। लेखपाल पर यह कार्रवाई सोमवार को की गई।
वर्ष 2024-25 में 2,15,912 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। एक वर्ष बाद यह अभियान करीब दस गुना रफ्तार से चला। वर्ष 2025-26 में अब तक 23,93,158 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध 527 नोटिस जारी
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई भी की गई। बीते पिछले दो वर्षों में 174 अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध 527 नोटिस जारी किए गए हैं। अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने और सील करने की कार्रवाई संयुक्त अभियान के रूप में चली। यह अभी तक जारी है।
प्राधिकरण ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डूब क्षेत्र तथा अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुलडोजर एक्शन के माध्यम से अवैध कालोनियां और इमारतों को ध्वस्त किया जा रहा है।
सीईओ डा. लोकश एम ने लोगों ने भूमाफिया के चंगुल में न फंसने की अपील की। अवैध कालोनियां काटने या बहुमंजिला इमारतें बनाने वालों से सावधान रहने की अपील की गई। सीईओ ने अतिक्रमण और भूमाफिया के खिलाफ सीधी और स्पष्ट कार्रवाई करने के निर्देश दिए। |