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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। थाना कोतवाली क्षेत्र में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-12, ने अभियुक्त विकास उर्फ बाबू को जमानत दे दी। महिला ने पति के आत्महत्या के मामले में अपने देवर विकास, आकाश और सास अंजना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि उनकी सास ने पति के आत्महत्या के दौरान बचाने की कोशिश नहीं की। सास आत्महत्या का वीडियो बनाती रही।
कागज के अनुसार उसकी शादी 12 मार्च 012 को गौरव के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। आरोप है कि सास अंजना, देवर विकास और आकाश द्वारा उसे व उसके पति को आए दिन मारपीट, गाली-गलौज कर प्रताड़ित किया जाता था। आत्महत्या के लिए उकसाया जाता था। 30 जुलाई 2025 को अपने कमरे में फांसी लगाने का प्रयास किया।
आरोप है कि इस दौरान सास अंजना ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया और उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। घटना के बाद गौरव को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अभियुक्त विकास की ओर से दाखिल जमानत प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वह निर्दोष है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
अभियोजन के पास कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि विवेचना पूरी हो चुकी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली के अवलोकन के बाद न्यायालय ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना इस स्तर पर अभियुक्त को जमानत देने का पर्याप्त आधार है। न्यायालय ने अभियुक्त विकास को जमानत पर रिहा किए जाने का आदेश दिया। |
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