बिजली वितरण निगम ने दिसंबर- 2025 में रिकार्ड 511 करोड़ 59 लाख रुपये की राजस्व वसूली की।
-राजस्व वसूली पर फोकस का परिणाम, सख्ती के साथ अधिकारियों ने किया काम
राज्य ब्यूरो, रांची। बिजली वितरण निगम ने दिसंबर- 2025 में रिकार्ड 511 करोड़ 59 लाख रुपये की राजस्व वसूली की, जो अब तक की सबसे अधिक मासिक वसूली है। इसे राजस्व वसूली पर फोकस का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
निर्देश के अनुसार नीचे से ऊपर तक अधिकारियों ने सख्ती से काम किया तो बेहतर परिणाम सामने आए। निगम प्रबंधन ने राजस्व वसूली में ऐसी ही निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
रिकार्ड परिणाम के लिए बिजली वितरण निगम के निदेशक प्रभात कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में फील्ड अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि राजस्व वसूली पर फोकस करना प्राथमिकता है।
बिजली चोरी वाले क्षेत्रों में नए विद्युत कनेक्शन देने पर जोर दिया गया और अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी समझाई गई। परिणाम यह रहा कि एई से लेकर जेई, ईएसई से लेकर जीएम तक सभी ने समन्वित प्रयास किए।
नवंबर 2025 में जहां 404 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, वहीं दिसंबर में विभाग ने खुद के ही रिकार्ड को तोड़ दिया।
विभाग की रणनीति का असर
जानकारी के अनुसार पहले चरण में बिलिंग एजेंसियों के साथ ताबड़तोड़ बैठकें हुईं। जिन क्षेत्रों में बिल वितरण नहीं हो पा रहा था, वहां विशेष ध्यान दिया गया। दूसरे चरण में मुख्यालय से लेकर फील्ड तक लगातार समीक्षा बैठकें चलीं।
तीसरे चरण में बड़े बकायेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि भुगतान नहीं होने पर बिजली आपूर्ति काटी जाएगी। इस चौतरफा रणनीति ने असर दिखाया। राजस्व में बढ़ोतरी अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती थी। अक्सर वितरण खर्च के अनुसार राजस्व वसूली का संकट बना रहता है, लेकिन समन्वित प्रयास से इस परिस्थिति से बिजली वितरण निगम निकलने में सफल हुआ है। |