Indian Railway News: आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रेनें घंटों लेट पहुंच रही हैं।
जासं, आगरा। कोहरे की मार ने ट्रेनों की चाल बिगाड़ दी है। सुबह आने वाली ट्रेनें शाम को आगरा और मथुरा पहुंच रही हैं। ट्रेनों के देरी से चलने से नाराज यात्रियों ने मंगलवार को हंगामा भी किया। यात्रियों का तर्क था कि एक किमी का सफर तय करने में ट्रेन एक से अधिक घंटे का समय ले रही है। मंगलवार को गांधीधाम-भागलपुर एक्सप्रेस साढ़े 14 घंटे, अवध एक्सप्रेस सात घंटे, भोपाल वंदे भारत चार तीन घंटे सहित दो दर्जन से अधिक ट्रेनें लेट रहीं।
आगरा कैंट, फोर्ट और राजा की मंडी में 121 यात्रियों ने टिकटों को रद कराया। आधा दर्जन ट्रेनों के टैंक में पानी खत्म हो गया। खाने को लेकर ट्रेनों में विवाद हुए। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से मंगलवार को 250 यात्री ट्रेनें गुजरीं। 22 हजार यात्रियों ने सफर किया। आगरा फोर्ट से 19 हजार यात्रियों ने सफर किया। कोहरे के चलते ट्रेनों की गति धीमी हो गई है।
संरक्षा के नजरिए से ट्रेनों को आटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली के बदले सेमी आटोमेटिक प्रणाली से चलाया जा रहा है। इस प्रणाली में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के मध्य एक ही ट्रेन होती है। सेमी आटोमेटिक प्रणाली में ट्रेनों को अधिक समय तक रोकना पड़ता है। दुर्घटना के मद्दनेजर रेलवे अधिकारियों द्वारा सेमी आटोमेटिक प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है।
कोहरे के चलते सिकंदराबाद राजधानी चार घंटे, गोंडवाना एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, भोपाल वंदे भारत चार तीन घंटे, पटना-कोटा एक्सप्रेस तीन घंटे, मुंबई राजधानी चार घंटे 40 मिनट, उत्कल एक्सप्रेस पांच घंटे, महाकौशल एक्सप्रेस तीन घंटे, सचखंड एक्सप्रेस तीन घंटे, केरला एक्सप्रेस तीन घंटे 12 मिनट, प्रयागराज एक्सप्रेस दो घंटे 22 मिनट, कर्नाटक एक्सप्रेस पांच घंटे 17 मिनट, मरुधर एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से आगरा पहुंची।
रेलवे हेल्प लाइन में 2112 शिकायतें पहुंचीं। इसमें 65 प्रतिशत शिकायतें ट्रेनों केदेरी से चलने को लेकर रहीं। यात्री विजय सिंह ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस जैसे ट्रेन पैसेंजर बनकर चल रही है। कोहरे के सामने रेलवे अधिकारी बेबस नजर आ रहे हैं। ट्रेनों को तेज गति से नहीं चलाया जा रहा है। यात्री आशीष बजाज ने कहा कि ट्रेनों के सिस्टम में बदलाव करने की जरूरत है।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सेमी आटोमेटिक प्रणाली पर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि कोहरे के कारण देरी से चलने वाली ट्रेनों के प्रचार पर ध्यान दिया जा रहा है। उधर, मुंबई स्पेशल, बेंगलुरु एक्सप्रेस सहित आधा दर्जन ट्रेनों के टैंक में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन में पानी भरा गया।
यात्रियों ने जताया विरोध, चार घंटे की देरी से आगरा पहुंची हैदराबाद फ्लाइट
कोहरे के प्रकोप के चलते मंगलवार को हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद सहित चार फ्लाइट देरी से आगरा पहुंची। इससे नाराज यात्रियों ने विरोध जताया। खेरिया एयरपोर्ट प्रशासन ने किसी तरीके से स्थिति को संभाला। सबसे अधिक लेट हैदराबाद फ्लाइट चार घंटे रही।
खेरिया एयरपोर्ट से हर दिन चार फ्लाइट का संचालन होता है। कोहरे के कारण सामान्यतौर पर 10 मिनट से लेकर एक घंटे तक लेट रह रही थीं। मंगलवार को हैदराबाद फ्लाइट चार घंटे की देरी से आगरा पहुंची। एयरपोर्ट में मौजूद यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बच्चे रोने लगे। अभिभावकों ने किसी तरीके से उन्हें चुप कराया।
फ्लाइट के लगातार देरी होने का विरोध किया। कई यात्रियों ने टिकट रद कराने की बात कही। हैदराबाद फ्लाइट सवा चार घंटे की देरी से आगरा से रवाना हो सकी। बेंगलुरु फ्लाइट 39 मिनट की देरी से एयरपोर्ट पहुंची और एक घंटा सात मिनट की देरी से रवाना हुई। अहमदाबाद फ्लाइट 56 मिनट की देरी से एयरपोर्ट पहुंची और एक घंटा 13 मिनट की देरी से रवाना हुई।
मुंबई फ्लाइट 14 मिनट की देरी से एयरपोर्ट पहुंची और 40 मिनट की देरी से रवाना हुई। फ्लाइट के देरी से चलने पर यात्रियों ने विरोध जताया। |
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