मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दर्द से ऐसे पाएं छुटकारा (Picture Credit- AI Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। चाहे कॉल करना हो या टेक्स्ट, सेल्फी लेनी हो या फिर रील्स देखनी हो, फोन हमेशा ही हमारे साथ साए की तरह होता है। औसतन लोग अपने फोन पर चार से पांच घंटे का वक्त बिताते हैं, बिना यह जाने कि इससे उनकी सेहत को कितना नुकसान पहुंच रहा है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि कैसे इस छोटे-से डिवाइस का ज्यादा इस्तेमाल हमारी पूरी हेल्थ पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
ज्यादा देर तक फोन थामने पर
- अंगूठे में या कलाई में ऐंठन या जलन महसूस होना
- उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन
- फोन स्क्रॉल करने पर हाथों में थकान
ये होती है परेशानियां
- टेक्स्ट क्लॉ: लगातार टेक्स्ट करने या स्वाइप करने से हाथ अकड़ने लगते हैं।
- ट्रिगर थम्ब: इसमें अंगूठा सूजन की वजह से झुकी हुई पॉजिशन में अटक जाता है।
- कार्पल टनल सिंड्रोम: कलाई के मीडियन नर्व पर दबाव पड़ने की वजह से अंगूठे और उसके पास की दो उंगलियों में सुन्नपन या कमजोरी होने लगती है। स्टडीज में यह बात सामने आई है कि हर दिन दो घंटे या इससे ज्यादा समय तक स्मार्टफोन को पकड़े रहने से कार्पल टनल सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है।
- आर्थराइटिस: जोड़ों में कार्टिलेज के घिसने से हाथों या कलाइयों में सूजन हो सकती है। ऐसे में लगातार फोन का इस्तेमाल इन लक्षणों को बढ़ा सकता है।
इस तरह बचे रहेंगे दर्द से
- हाथ स्विच करते रहें: एक ही हाथ में लगातार फोन थामे रहने की बजाय, थोड़ी-थोड़ी देर में हाथ स्विच करते रहें। एक हाथ में फोन रखें और स्क्रॉलिंग के लिए दूसरे हाथ की उंगलियों का इस्तेमाल करें।
- ग्रिपिंग रखें हल्की: फोन को थोड़ा हल्के हाथ से पकड़ें, ग्रिपिंग बहुत टाइट ना रखें। यदि फोन पर वीडियो देख रहे हैं या कुछ पढ़ रहे हैं, तो हाथ में फोन रखने की बजाय किसी टेबल या स्टैंड पर रखें।
- वॉयस कमांड जैसे टूल्स का इस्तेमाल करें: बार-बार अंगूठे का इस्तेमाल करने की बजाय वॉयस कमांड जैसे टूल्स की मदद भी ले सकते हैं।
- कंधे और कान के बीच फोन को न दबाएं: इससे आपकी गर्दन और कंधों पर दबाव पड़ेगा। ईयरबड या हेडसेट का इस्तेमाल सुविधाजनक होगा।
- ब्रेक लें और स्ट्रेच करें: फोन को यूज करने के दौरान हर 15-20 मिनट में ब्रेक लें। अपने कंधे, उंगलियों को आगे और पीछे की ओर स्ट्रेच करें।
- हाथों को सीधा रखें: कोहनियों को मोड़ने की बजाय जितना हो सके उन्हें सीधा रखने की कोशिश करें। खासकर लंबे समय तक बात करते हुए या कुछ पढ़ते हुए।
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