राजस्व संग्रह में पटना समेत 13 जिले पीछे, विभाग ने कारण बताओ नोटिस दिया
राज्य ब्यूरो, पटना। जनवरी महीने में अपनी पहली समीक्षा बैठक में खान एवं भू-तत्व विभाग ने राजस्व संग्रह में सुस्ती बरतने पर पटना समेत 13 जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों को नोटिस दिया है। इन अधिकारियों को एक सप्ताह में राजस्व संग्रह बढ़ा कर विभाग को रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के एक निर्देश के बाद खान व भू-तत्व निदेशक मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में खान एवं भूतत्व विभाग की विभागीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक में राजस्व संग्रहण, बालू घाटों की नीलामी, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्यों की प्रगति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में एक सप्ताह के भीतर बालू घाटों की नीलामी पूरी करने तथा दंड मद में की जा रही कार्रवाईयों में ठोस प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति संस्थान से कोई सूचना मिली है तो उस त्वरित कार्रवाई एवं लंबित शिकायतों के निष्पादन एक दिन में करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
साथ ही सफेद एवं पीले बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने, अनिलामित बालू घाटों की नीलामी हेतु संबंधित जिलाधिकारियों को विभाग की ओर से पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
इन जिलों को कम राजस्व संग्रह के बाद दिया गया नोटिस
रोहतास, पटना, गया, जहानाबाद, लखीसराय, मुंगेर, बेगूसराय, वैशाली, शिवहर, कटिहार, मधुबनी, भागलपुर, सारण एवं मधेपुरा। इन जिलों के राजस्व संग्रह की समीक्षा एक सप्ताह के बाद वापस की जाएगी। |