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Jharkhand स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सिविल सर्जनों को दे दी बड़ी चेतावनी, राशि खर्च करने का कट आफ डेट तय

LHC0088 5 day(s) ago views 996
  

मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना तथा 15वें वित्त आयोग के तहत दी गई राशि खर्च करने में लापरवाही बरतनेवाले सिविल सर्जनों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।



  


राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना तथा 15वें वित्त आयोग के तहत दी गई राशि खर्च करने में लापरवाही बरतनेवाले सिविल सर्जनों के विरुद्ध नाराजगी जाहिर की है।

उन्होंने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि में कम से कम 50 प्रतिशत राशि सात दिनों के भीतर खर्च करने के सख्त निर्देश देेते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर संबंधित सिविल सर्जनों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा के क्रम में यह चेतावनी दी। समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत खर्च की गई राशि, पीएम-आयुष्मान भारत इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, एनएचएम, ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक्स तथा आउटसोर्स बहाली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रखरखाव योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जिलों को योजना के अंतर्गत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उन पांच जिलों की पहचान करने के निर्देश दिए जो राशि खर्च करमें में सबसे पीछे हैं।

उन्होंने उन जिलों के सिविल सर्जनों को शोकाज नोटिस जारी करने का आदेश दिया। अपर मुख्य सचिव ने 15वें वित्त आयोग की राशि के प्रभावी उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि सभी सिविल सर्जन उपायुक्त/उप विकास आयुक्त के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा करें और रिपोर्ट अपडेट करें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने रिक्त पदों पर तत्काल बहाली के निर्देश दिए और कहा कि जहां बहाली प्रक्रिया चल रही है, उसे शीघ्र पूरा कर रिपोर्ट अपडेट करें।

ड्रग्स एंड डायग्नोस्टिक्स की समीक्षा में जिलावार दवाओं की उपलब्धता का आकलन करने, हर स्तर पर दवा की खरीद सुनिश्चित करने और दो दिनों के भीतर पोर्टल पर एंट्री करने का निर्देश दिया गया।

बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, झारखंड आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन एवं अन्य पदाधिकार उपस्थित थे।  
टीबी जांच के लिए खरीदी जाएगी हैंड होल्ड एक्स-रे मशीन

टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा के क्रम में उन्होंने जरूरत के अनुसार हैंड होल्ड एक्स-रे मशीनों की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए राशि की कमी होने नहीं दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर राज्य स्तर से भी मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।

एनएचएम के तहत चल रहे एक माह के विशेष कार्यक्रम में सभी जरूरतमंदों की टीबी स्क्रीनिंग कराने और किसी भी व्यक्ति को छूटने न देने पर विशेष जोर दिया गया। अपर मुख्य सचिव ने उन जिलों में टीबी जांच बढ़ाने के निर्देश दिए जो इसमें पीछे हैं।
आउटसोर्स एजेंसियों के एग्रीमेंट की होगी समीक्षा, नई एजेंसी के चयन पर रोक

आउटसोर्स बहाली के विषय पर अपर मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों के एग्रीमेंट की समीक्षा करने को कहा। यदि एग्रीमेंट अत्यधिक पुराना हो तो उसे रिप्लेस करने के निर्देश दिए गए। फिलहाल नई एजेंसी के चयन पर रोक लगाते हुए बताया गया कि विभाग नए टेंडर से पहले आवश्यक डाक्यूमेंट तैयार कर रहा है। इसके बाद ही नई एजेंसी का चयन होगा।
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