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हरियाणा में सरकारी दफ्तरों में एआई की एंट्री, 31 जनवरी को चंडीगढ़ में होगा मेगा वर्कशॉप; पंचकूला-गुरुग्राम बनेंगे AI हब

Chikheang 2026-1-6 18:26:38 views 290
  

कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग से उद्योग विकास और सरकारी योजनाओं को लगेंगे पंख।



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कृत्रिम बुद्धिमत्ता कैसे काम करती है और आप अपनी परियोजनाएं बनाने के लिए एआई उपकरणों का कैसे उपयोग कर सकते हैं, इसकी जानकारी देने के लिए हरियाणा सरकार और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) राज्य में मिलकर काम करेंगे।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रानिक्स डेवलपमेंट कारपोरेशन (हारट्रोन) और स्टार्ट अप हरियाणा के सहयोग से 31 जनवरी को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यशाला-सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।

एआई का तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए आयोजित होने वाली यह कार्यशाला इसलिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री के नाते अपने वार्षिक बजट में पंचकूला व गुरुग्राम को एआई का हब बनाने की घोषणा कर रखी है। भविष्य विभाग का निर्माण भी इसी योजना का हिस्सा है।

द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा और महासचिव रवि शर्मा ने एआई आधारित कार्यशाला के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को निमंत्रण दिया। राज्य के पूर्व मंत्री असीम गोयल टाई प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से मिले।

चैट जीपीटी के इस्तेमाल और एआई तकनीक की जानकारी प्राप्त करने के लिए यह कार्यशाला काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्यशाला में काफी रुचि दिखाई है और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।

देश-विदेश से अलग-अलग क्षेत्रों के करीब तीन दर्जन तकनीकी विशेषज्ञ इस कार्यशाला-सेमीनार में जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एआई की जानकारी के बिना न तो उद्योग तरकीकी कर सकते हैं और न ही सरकारी कामों में इस तकनीक के बिना प्रगति की जा सकती है।

द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआइई-टाई) चंडीगढ़ के प्रधान पुनीत वर्मा के अनुसार एडब्ल्यूएस, गूगल, एक्सेंचर, विश्व बैंक और माइक्रोसाफ्ट जैसी विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विचारकों को एक मंच पर लाकर विभिन्न क्षेत्रों में एआई के विकास का पता लगाया जाएगा।

पंचकूला और ट्राइसिटी के वैश्विक प्रभाव को प्रदर्शित करना, एआई पर काम करना और वैश्विक बाजार में निर्यात को बढ़ावा देना इस कार्यशाला के मुख्य बिंदुओं में शामिल है। पंचकूला आइटी पार्क में स्थित कुछ कंपनियां ग्राजिट्टी इंटरएक्टिव, अल्ट्रूइस्ट सिस्टम्स और आउटसोर्सिंग टेक्नोलाजीज पहले से ही स्वास्थ्य सेवा, विपणन और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में एआई के साथ काम कर रही हैं।

हरियाणा स्थित एआई स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए बूथ स्थान उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार से की जाएगी। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित एआई आधारित व्यवसायों को वित्तपोषण और बाजार तक पहुंचने में सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकारी कार्यालयों में एआई के कार्यान्वयन और अधिकारी अपने दैनिक कार्यों में एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं, इस विषय पर अलग सेमीनार रखा गया है। प्रतिभा विकास के लिए हरियाणा के पांच से 10 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया जाएगा। इनमें एनआइटी कुरुक्षेत्र, आइआइएम रोहतक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार, आइआइआइटी सोनीपत, पानीपत इंजीनियरिंग संस्थान, महर्षि मार्कंडेय मुल्लाना विश्वविद्यालय प्रमुख हैं।
हरियाणा में नये उद्योगों के लिए जमीन की कमी नहीं

हरियाणा सरकार ने जयपुर में आयोजित डिजीफेस्ट के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के प्रति प्रतबद्धता जताई है। एचएसआइआइडीसी और टाई की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उद्यमी, उद्यम पूंजी फर्म, इनक्यूबेटर और स्टार्टअप के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सेदारी की।

हरियाणा की ओर से उद्यमियों को अवगत कराया गया कि राज्य में 9,500 से अधिक डीपीआइआइटी पंजीकृत स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के नेतृत्व वाले हैं। नीति आयोग के भारत इनोवेशन इंडेक्स और बीआरएपी में \“टाप अचीवर\“ के रूप में मान्यता मिली है। एचएसआइआइडीसी की ओर से उद्यमियों को भरोसा दिलाया गया कि राज्य में नये उद्योगों के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है।
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