15 वर्ष पुराने अलकतरा घोटाले में सीबीआइ की विशेष अदालत का फैसला।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Alkatra Scam, Dhanbad CBI Court: पंद्रह वर्ष पुराने चर्चित अलकतरा घोटाला कांड में आज अदालत ने अपना फैसला सुनाया धनबाद सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मामले के नामजद आरोपी चतरा रोड डिवीजन के जूनियर इंजीनियर अशोक कुमार, सहायक इंजीनियर परमानंद पाण्डेय एवं सावित्री कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर सुरेन्द्रनाथ भारती को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
सीबीआइ के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने चतरा के कर्मा से महुदी के बीच बने 6.65 किलोमीटर सड़क निर्माण में घोटाले का आरोप लगाते हुए वर्ष 10 में प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए अलकतरा का उठाव आईओसीएल से करना था।
सीबीआई ने आरो1प लगाया था कि ठेकेदार ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बिना अलकतरा उठाए ही फर्जी बिल के सहारे विभाग से भुगतान प्राप्त कर लिया था।जिस कारण विभाग को 21 लाख 31 हजार रुपये का नुकसान हो गया।
सीबीआई ने आरोप लगाया था कि ठेकेदार ने कुल 7 बिल दिए थे जिसमें 5 बील फर्जी पाए गए थे। अनुसंधान के बाद सीबीआई ने इस मामले में 7 जून 11 को आरोप पत्र दायर किया था।
11 फरवरी को आरोप तय होने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। सुनवाई के दौरान मामले के नामजद अभियुक्त आरोपी कार्यपालक अभियंता चतरा रोड डिवीजन रत्नेश्वर राय की मौत हो गई थी जिस कारण उनका मुकदमा बंद कर दिया गया था। |
|