जम्मू प्रशासन अवैध निवासियों की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।
दिनेश महाजन, जम्मू। जम्मू शहर की कुछ बस्तियों में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी को लेकर अब सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस रिकार्ड और सुरक्षा एजेंसियों के आंतरिक आकलन के अनुसार जिन इलाकों में इन नागरिकों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बताई जाती है, वहां आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें भी अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा सामने आई हैं। हालांकि पुलिस स्पष्ट करती है कि अपराध किसी समुदाय विशेष से नहीं, बल्कि व्यक्तियों से जुड़ा होता है, लेकिन अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान न होना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनता है।
सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हुई
शहर के जिन इलाकों में रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की बस्तियां या उनकी अधिक आवाजाही बताई जाती है, उनमें सुंजवां, बठिंडी, मार्बल मार्केट, गुज्जर नगर, सिदड़ा और बजालता शामिल हैं। इन क्षेत्रों के आसपास चोरी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध से जुड़ी शिकायतें लगातार पुलिस के पास पहुंच रही हैं। हाल के वर्षों में हत्या के एक मामले में भी अवैध विदेशी नागरिकों की संलिप्तता सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार जिन इलाकों में मुस्लिम समुदाय की आबादी अपेक्षाकृत अधिक है, वहां ये अवैध नागरिक आसानी से स्थानीय आबादी में घुल-मिल जाते हैं। मजदूरी, कबाड़, निर्माण कार्य और छोटे-मोटे व्यापार की आड़ में वे लंबे समय तक बिना पहचान उजागर हुए रह लेते हैं। इससे न केवल इनकी पहचान कठिन हो जाती है, बल्कि अपराध की जांच में भी पुलिस को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।
अपराध के बाद आरोपी अपनी पहचान और ठिकाना बदल लेते हैं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में अपराध के बाद आरोपी अपनी पहचान और ठिकाना बदल लेते हैं, जिससे केस सुलझाने में देरी होती है। यही कारण है कि इन इलाकों को पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में रखा है और यहां गश्त, किरायेदार सत्यापन और खुफिया निगरानी बढ़ाई गई है।
सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि जम्मू की पाकिस्तान से सटी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है। प्रशासन का जोर अब इस बात पर है कि बिना किसी भेदभाव के, लेकिन सख्ती से कानून लागू किया जाए और अवैध रूप से रह रहे हर व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित की जाए।
वर्ष 2025 में 22 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े
एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह के अनुसार, “बीते एक वर्ष के दौरान जम्मू जिले में 22 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जो अवैध तरीके से यहां रह रहे थे। इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और उनकी पहचान व पृष्ठभूमि की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई एक निरंतर प्रक्रिया है। जम्मू पुलिस किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी और सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेंगे। |