जागरण संवाददाता, रायबरेली। नासिक में युवक की संदिग्ध मौत हो गई थी। युवक का शव शुक्रवार की सुबह घर पहुंचा तो परिवारजन ने हत्या किए जाने का आरोप लगाकर अंतिम संस्कार से मना कर दिया था।
अब इस मामले में रविवार को शव आने के 48 घंटे बाद पुलिस ने सात नामजद समेत 12 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही परिवारजन की मांग पर पुलिस ने शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
यह है पूरा मामला
सरेनी के पूरे बल्दी मजरे सिधौर तारा निवासी तेज बहादुर करीब डेढ़ माह पूर्व पास के गांव के ही पांच लोगों के साथ नौकरी के लिए नासिक गया था। वह शटरिंग का काम करता था। बुधवार की रात संदिग्ध परिस्थिति में उसकी मौत हो गई थी। शुक्रवार की सुबह शव गांव पहुंचा तो परिवारजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार से मना कर दिया।
स्थिति देखते हुए गांव में पुलिस की तैनाती की गई। काफी मान मनौव्वल के बाद भी शनिवार को परिवारजन ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। रविवार की सुबह से ही मृतक के घर पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित होने लगी।
लोगों का बढ़ता आक्रोश देख सीओ अमित सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवारजन ने आरोप लगाया कि तेज बहादुर के साथ काम करने वाले लोगों ने 31 दिसंबर की रात डंडों से पीटकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद पुलिस ने मृतक के भाई अमर बहादुर की तहरीर पर पूरे नेबल मजरे सिंधौरतारा सरेनी निवासी मान सिंह, ज्ञान सिंह, रामविलास पता अज्ञात, पूरे मत्तू मजरे रालपुर सरेनी निवासी पप्पू, विक्रम यादव, साइट इंजीनियर देशमुख, चेतन व पांच अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही तेज बहादुर के शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीओ अमित सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर सरेनी थाने में सात नामजद समेत 12 आरोपितों के विरुद्ध जीरो पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। |
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