जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। वर्ष 2023 में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के स्वजन को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 45.6 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में मृतक की पहचान दीप नारायण के रूप में हुई थी, जो गोलगप्पा बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था।
पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार सिंह उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया कि दुर्घटना एसयूवी चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुई। अदालत ने कहा कि वाहन को असावधानीपूर्वक चलाया जा रहा था, जिससे यह घातक हादसा हुआ।
ट्रिब्यूनल ने विभिन्न मदों के तहत मृतक के परिजनों को कुल 45.6 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही बीमा कंपनी बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह निर्धारित अवधि के भीतर मुआवजे की राशि जमा करे।
अदालत ने कहा कि मृतक परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था और उसकी असमय मृत्यु से परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की गहरी क्षति हुई है। इसलिए मुआवजे की राशि पीड़ित परिवार को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
याचिका मृतक की पत्नी, नाबालिग बेटे और माता-पिता द्वारा दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि 29 अगस्त 2023 को एक तेज रफ्तार एसयूवी ने दीप नारायण के ठेले को टक्कर मार दी थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। |
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