search

Ranchi अतिक्रमण हटाने के मामले में हाई कोर्ट ने डीसी से मांगा जवाब, खलारी सोना डूबी नदी में अतिक्रमण विवाद

LHC0088 5 day(s) ago views 1055
  

हाई कोर्ट ने रांची के खलारी स्थित सोना डूबी नदी में सीसीएल के अतिक्रमण संबंधित विवाद पर रांची के उपायुक्त को 31 मार्च तक अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।



राज्य, ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और राजेश शंकर की खंडपीठ ने रांची के खलारी स्थित सोना डूबी नदी में सीसीएल के अतिक्रमण संबंधित विवाद पर रांची के उपायुक्त को 31 मार्च तक अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। सीसीएल पर नदी के किनारे की जमीन पर अतिक्रमण कर कोयला ढोये जाने से फैल रहे प्रदूषण और उससे स्थानीय लोगों में बढ़ रही बीमारियों को लेकर लिखे गए पत्र पर संज्ञान ले उसे जनहिच याचिका में तब्दील कर कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है।

सुनवाई के दौरान न्याय मित्र खालिदा हया रश्मि ने अदालत को बताया कि अंचल अधिकारी (सर्किल आफिसर) ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि सीसीएल द्वारा निकाले गए कोयले को नदी में धोने के दौरान करीब आधा किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया है।

इस संबंध में संबंधित अंचलाधिकारी ने रिपोर्ट भी दी है। अंचल अधिकारी के इस आदेश को रांची के उपायुक्त के पास चुनौती दी गई थी, जिस पर रांची डीसी द्वारा वर्ष 2023 में स्थग्नादेश दिया गया है।

इसके बाद से अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। निर्णय लंबित रहने के कारण कंपनी द्वारा पूर्व की तरह नदी में कोयला साफ करने और ढोने का कार्य जारी है, जिससे नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है।

हाई कोर्ट ने इस मामले में रांची उपायुक्त को 31 मार्च तक अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अदालत ने केंद्र सरकार को भी शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और यह जानना चाहा है कि किन परिस्थितियों में यह स्थिति उत्पन्न हुई तथा प्रदूषण रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।

खलारी क्षेत्र की सोना डूबी नदी स्थानीय लोगों के लिए पीने और दैनिक उपयोग के पानी का एक मात्र प्रमुख स्रोत है। आरोप है कि सीसीएल द्वारा स्थापित कोल वाशरी से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी गंभीर रूप से प्रदूषित हो गई है।

नदी में अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण आसपास के गांवों में लोगों को कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासी ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था, जिस पर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज कर मामले की सुनवाई कर रहा।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
147573

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com