रेलवे स्टेशन पर युवक की मौत। सांकेतिक फोटो
संवाद सहयोगी, फिरोजपुर। छावनी रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह बठिंडा जाने की ट्रेन पकड़ने आए एक युवक का रक्तचाप अचानक कम हो गया, जिससे वह प्लेटफार्म पर गिर गया और करीब आधा घंटा तड़पता रहा। इस दौरान किसी ने भी उसे प्राथमिक सहायता देने की कोशिश नहीं की, जिसके कारण उसकी बाद में मौत हो गई।
यह घटना एक सप्ताह में दूसरी बार हुई है, जब स्टेशन पर कोई यात्री आधा घंटा बिना प्राथमिक सहायता के तड़पता रहा। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सुहेल ऐंजल पुत्र एंथनी निवासी लाल कुर्ती के रूप में हुई है, जो बठिंडा के एम्स अस्पताल में लैब डॉक्टर के तौर पर कार्यरत था।
ऐंजल के पिता एंथोनी जोन ने बताया कि उनका बेटा सोमवार सुबह बठिंडा अपनी ड्यूटी पर जा रहा था, तभी प्लेटफार्म नंबर 3 पर उसका बीपी अचानक कम हो गया और वह चक्कर खाकर गिर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आसपास के लोग केवल मोबाइल पर उसके बेटे की वीडियो बनाने में व्यस्त रहे और किसी ने भी उसे उठाने की कोशिश नहीं की।
जब वे वहां पहुंचे, तब उनके बेटे में सांसें थीं और उसने उनके हाथ को पकड़ा। एंथोनी ने कहा कि कुछ कर्मियों ने उनके बेटे को अस्पताल ले जाने से रोका। जब उन्होंने अपने बेटे को एक्टिवा पर ले जाने की कोशिश की, तो एक पुलिस कर्मी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। परिवार ने ऐंजल को एक निजी अस्पताल में ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की माता रेनू बाला ने कहा कि उनका बेटा उनके जिगर का टुकड़ा था, लेकिन स्टेशन पर खड़े लोगों ने इंसानियत दिखाने के बजाय वीडियो बनाने को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भी उनके बेटे को अस्पताल ले जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। सुहेल के दो बहनें टविंकल और गुड़िया, और एक छोटा भाई रिचर्ड है। उनके पिता विजय कुमार ने बताया कि जीआरपी प्रभारी और थाना कैंट प्रभारी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि लोग उनके भांजे की मदद करते, तो उसकी जान बच सकती थी।
जीआरपी थाना प्रभारी नवीन कुमार ने कहा कि परिवार की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। विभाग मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। यदि परिवार शिकायत देता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 28 दिसंबर को भी प्लेटफार्म नंबर 2 पर एक बुजुर्ग महिला ट्रेन में फंस गई थी और आधा घंटा तड़पती रही थी, उसे भी प्राथमिक सहायता नहीं मिली थी। समाजसेवी पियूष बांसल ने इस मामले को लेकर रेल मंत्री को ट्वीट किया था। |