सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना। राज्य सरकार के नियोजनालय की पहल से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए और व्यापक अवसर सृजित हुए हैं। मार्च से दिसंबर 2025 के बीच नियोजनालय के माध्यम से 35 हजार युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराए गए, जो राज्य की रोजगार नीति की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है।
सरकार द्वारा संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआई) में निजी क्षेत्र की भागीदारी के तहत टाटा टेक्नोलाजी के साथ किए गए सहयोग का भी उल्लेखनीय परिणाम सामने आया है। इस साझेदारी के माध्यम से 5,570 युवाओं को रोजगार एवं प्रशिक्षण के अवसर मिले हैं।
तकनीकी दक्षता, आधुनिक मशीनों पर प्रशिक्षण और उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रमों ने युवाओं को रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनाया है। इसके साथ ही राज्य सरकार की पीओडीटी (प्लेसमेंट आउटसाइड डोमेस्टिक टेरिटरी) योजना ने युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के द्वार खोले हैं।
इस योजना के तहत 34 युवाओं को विदेशों में नौकरी मिली है। यह उपलब्धि राज्य के युवाओं की बढ़ती क्षमता, कौशल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी भागीदारी को दर्शाती है।
नियोजनालय के अधिकारियों के अनुसार, रोजगार सृजन को लेकर सरकार का फोकस केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने पर भी है। कौशल विकास, उद्योगों के साथ समन्वय और पारदर्शी प्लेसमेंट प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप अवसर दिए जा रहे हैं।
सरकार की इन पहलों से न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करने में मदद मिली है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। नियोजनालय की सक्रिय भूमिका और निजी क्षेत्र के सहयोग से राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
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