deltin33 • The day before yesterday 20:56 • views 84
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नए वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिल्ली दौरा महज शिष्टाचार मुलाकातों तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से करीब एक घंटे की मुलाकात, शीर्ष भाजपा नेताओं से संवाद और दिल्ली में ही दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी, ये सब संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश की राजनीति में जल्द ही बड़े निर्णय हो सकते हैं। ये मुलाकात साफ इशारा कर रही है कि अब फोकस पूरी तरह वर्ष 2027 का विधान सभा चुनाव ही है। सरकार, संगठन और चुनाव तीनों मोर्चों पर एक साथ तैयारी शुरू हो चुकी है और मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी बड़े राजनीतिक ब्लूप्रिंट का हिस्सा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्हें राम मंदिर की चांदी की प्रतिकृति भेंट की, जिसमें गुलाबी मीनाकारी का इस्तेमाल किया गया है। इस मुलाकात की तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय दोनों ओर से इंटरनेट मीडिया एक्स पर साझा की गईं हैं। योगी-मोदी की मुलाकात को प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव से पहले सितंबर 2021 में भी इसी तरह का विस्तार हुआ था। फिलहाल चर्चा है कि मकर संक्रांति के बाद, खरमास समाप्त होते ही, मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी को मिलने के बाद संगठन में संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से होने के कारण अब क्षेत्रीय संतुलन पर भी नजर रखी जा रही है। प्रधानमंत्री लगातार युवाओं को राजनीति से जोड़ने पर जोर देते रहे हैं, खासकर ऐसे युवाओं को जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न हो।
वाराणसी से लेकर लाल किले तक मोदी परिवारवाद और जातिवाद से मुक्त राजनीति की बात कर चुके हैं। प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठन विस्तार में भी इस सोच का असर दिख सकता है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। इन बैठकों को सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
दोनों उप मुख्यमंत्री की दिल्ली में मौजूदगी भी अहम संकेत
दिल्ली में सोमवार को दोनों उप मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार केशव प्रसाद मौर्य रविवार की रात त्रिपुरा से सीधे दिल्ली पहुंच गए थे। दिल्ली में उनकी मुलाकातों को गोपनीय रखा गया है। वहीं, ब्रजेश पाठक ने सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष व वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से भी भेंट की। केशव 29 दिसंबर को ही नितिन नवीन से मुलाकात कर चुके हैं। इन दोनों की दिल्ली में मौजूदगी भी अहम संकेत माना जा रहा है।
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