गृह विभाग ने सभी संबंधित जिलों के डीएम से भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Prosecution Office: बिहार के लोगों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही है। गृह विभाग ने 23 जिलों और अनुमंडलों में कुल 45 अभियोजन कार्यालय भवन के निर्माण की स्वीकृति दी है।
इसके लिए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को भूमि चिह्नित कर शीघ्र रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। गृह विभाग के सचिव ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए निर्माण प्रक्रिया को प्राथमिकता पर शुरू करने को कहा है।
प्रत्येक भवन के लिए लगभग चार हजार वर्गफीट भूमि की आवश्यकता होगी। पहले चरण में सरकारी भूमि को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उपलब्धता न होने पर सतत लीज पर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुजफ्फरपुर में दो स्थानों पर बनेगा भवन
मुजफ्फरपुर जिले में सदर और पश्चिमी अनुमंडल क्षेत्र में नए अभियोजन कार्यालय भवन बनाए जाएंगे। फिलहाल अभियोजन कार्यालयों का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोर्ट परिसर और एसडीओ पश्चिमी कार्यालय से किया जा रहा है। नए भवन बनने से कामकाज अधिक सुचारू, सुदृढ़ होगा और अभिलेखों का संरक्षण बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा।
कई जिलों में तीन-चार भवन
गृह विभाग ने जिला और अनुमंडलवार सूची जारी कर दी है। कुछ जिलों में तीन-तीन और चार-चार स्थानों पर भवन निर्माण प्रस्तावित है। अभियोजन निदेशालय को भी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सके।
इन जिलों/अनुमंडलों में होगा निर्माण
- पटना: पटना सिटी, दानापुर, मसौढ़ी, पालीगंज
- नालंदा: हिलसा
- गया: शेरघाटी
- औरंगाबाद: औरंगाबाद, दाउदनगर
- सारण: छपरा, सोनपुर
- कैमूर: भभुआ, मोहनिया
- मुजफ्फरपुर: सदर, पश्चिमी
- सीतामढ़ी: पूपरी, बेलसंड
- वैशाली: महनार
- पूर्वी चंपारण: सिकहरना, रक्सौल, अरेराज
- पश्चिमी चंपारण: नरकटियागंज
- दरभंगा: दरभंगा, बेनीपुर, बिरौल
- समस्तीपुर: दलसिंहसराय, शाहपुर पटोरी
- सहरसा: सहरसा
- सुपौल: सुपौल, वीरपुर, निर्मली
- पूर्णिया: वायसी, धमदाहा, बनमनखी
- कटिहार: वारसोई
- भागलपुर: कहलगांव
- बांका: बांका
- बेगूसराय: तेघरा, बलिया, मंझौल, बखरी
- खगड़िया: गोगरी
- शेखपुरा: शेखपुरा
नए अभियोजन कार्यालय भवनों के निर्माण से मुकदमों की पैरवी, फाइल प्रबंधन और न्यायिक समन्वय में सुधार होगा, जिससे आम लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है। |