जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। जनपद में एचआईवी (एड्स) संक्रमण को रोकने और जोखिम वाली जनसंख्या में छिपे रोगियों को तलाशने के लिए विशेष अभियान शुरू जाएगा है। ग्रामीण विकास संघ मानव सेवा संस्थान और जिला स्वास्थ्य चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से विशेष जांच शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में ट्रांसजेंडर, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर (आईडीयू) और एमएसएम (पुरुष-पुरुष संबंध रखने वाले) लोगों की एचआईवी जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध पाए जाने वालों की पुष्टि जिला चिकित्सालय स्थित एआरटी केंद्र पर की जाएगी। रिपोर्ट पाजिटिव आने पर तत्काल उपचार शुरू कराया जाएगा।
संस्थान की परियोजना प्रबंधक ज्योत्सना ने बताया कि एनजीओ की टीम लगातार समाज के उन वर्गों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो एचआईवी संक्रमण के लिहाज से सबसे अधिक जोखिम में हैं।
यह टीम ट्रांसजेंडर, नशा करने वाले और एमएसएम समूहों के बीच जाकर उन्हें संक्रमण के प्रति जागरूक करती है और स्वैच्छिक जांच के लिए प्रेरित करती है।
ज्योत्सना ने बताया कि यह अभियान न केवल जांच तक सीमित रहेगा, बल्कि इसके जरिए एचआईवी संक्रमण से बचाव के तरीके, सुरक्षित जीवनशैली अपनाने और संक्रमण के प्रति सामाजिक कलंक को खत्म करने पर भी जोर दिया जाएगा।
टीम के सदस्य जागरूकता सामग्रियों के माध्यम से लोगों को बताएंगे कि समय पर जांच और उपचार से एड्स को नियंत्रित किया जा सकता है।
सीएमओ डा. सुनील कुमार तेवतिया ने कहा कि इस तरह के शिविर समाज के सबसे संवेदनशील समूहों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। विभाग का लक्ष्य है कि जिले में कोई भी संक्रमित व्यक्ति बिना जांच और उपचार के न रहे। उन्होंने कहा कि समाज को इस अभियान में सहयोग करना चाहिए।
जोखिम वाले समूहों को सम्मान और विश्वास के साथ जांच के लिए आगे आने को प्रेरित किया जाना चाहिए, क्योंकि एचआईवी जैसी बीमारी को छिपाने के बजाय उसका समय पर इलाज कराना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
इस अभियान के जरिए जिले में एचआईवी संक्रमण के प्रसार को रोकने और संक्रमित व्यक्तियों को उपचार की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह ठोस कदम उठाया गया है। |