व्यवसाय विस्तार और राष्ट्रीय आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए वक्ताओं ने प्रेरित किया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। हुकुलगंज व्यापार मंडल का वार्षिकोत्सव एवं न्यू ईयर का कार्यक्रम कबीर रोड स्थित सरोबा पैलेस में कैबिनेट मंत्री दयाशंकर मिश्र (दयालू गुरु) के मुख्य आतिथ्य में हुआ तो कारोबारियों के हित में देश की आर्थिकी को उज्जवल करने पर मंथन भी हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजपा महानगर के अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि एवं वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के अध्यक्ष प्रमोद अग्रहरि ने भी कारोबार की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का आरंभ करते हुए मुख्य अतिथि दयालू गुरु ने व्यापारियों की सराहना की और कहा कि व्यापारियों के योगदान से ही देश का विकास संभव है। उन्होंने बताया कि आज हमारा देश आर्थिक रूप से दुनिया के चौथे पायदान पर खड़ा है, जिसका श्रेय व्यापारियों को जाता है। महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि देश के बढ़ते हुए राजस्व में उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा योगदान है, जो धार्मिक स्थलों एवं पर्यटन स्थलों के माध्यम से निरंतर बढ़ रहा है।
वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत से संबंधित हुकुलगंज व्यापार मंडल के क्रियाकलापों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल पूरे निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करता है। इस अवसर पर लोकगीत गायिका सुमन अग्रहरि ने संगीत प्रस्तुत किया।
इस वार्षिक उत्सव ने व्यापारियों के बीच एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। हुकुलगंज व्यापार मंडल का यह वार्षिक उत्सव न केवल व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, बल्कि यह समाज में व्यापार के महत्व को उजागर करता है।
इस उत्सव ने व्यापारियों को एकजुट होकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और यह दर्शाया कि एक मजबूत व्यापारिक समुदाय ही देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष चन्द्रभूषण दास ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी कीर्ति प्रकाश पांडे ने संभाली। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सन्नी जोहर, प्रदीप जायसवाल, महेंद्र मोहन मिश्रा, राजेश वर्मा, बब्लू अग्रहरि, मो. असलम, संजय यादव, पंचम अग्रहरि, मनोज अग्रहरि, अरुण, कोषाध्यक्ष विष्णु गुप्ता, बल्लू यादव, बब्लू चौहान, लल्लू यादव, हरी ग्रहहर एवं अन्य व्यापारी गण उपस्थित थे। |