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यूपी के इस शहर में अब MRI के लिए नहीं भटकेंगे लोग, शासन जल्द मुहैया कराएगा मशीन, CT स्कैन की तरह PPP मोड पर होगा संचालन

Chikheang 2026-1-5 06:56:34 views 455
  



जागरण संवादददाता, बरेली। स्वास्थ्य विभाग के पास एक्सरे और सीटी स्कैन की मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन एमआरआइ (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) मशीन नहीं है। इससे मरीज को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर यह जांच काफी महंगी होती है, इसलिए एमआरआइ मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है।

पिछले बुधवार को लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग की बरेली-लखनऊ की हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित घोष के सामने यह चर्चा हुई थी कि जिला अस्पताल में एक्सरे और तीन सौ बेड हास्पिटल में सीटी स्कैन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास एमआरआइ के लिए मशीन नहीं है। एमआरआइ से शरीर के अंदरूनी अंगों, ऊतकों और हड्डियों की विस्तृत, उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीरों के लिए यह जांच बेहद जरूरी है।

एमआरआइ मशीन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ

इसका उपयोग ट्यूमर, चोटों, स्ट्रोक और जोड़ों की समस्याओं जैसे कई रोगों का पता लगाने और उनकी निगरानी के लिए भी किया जाता है।शासन ने इसे काफी गंभीरता से लिया है। इसके बाद अब एमआरआइ मशीन को सरकारी चिकित्सालय में उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि तीन सौ बेड अस्पताल में चीन से निर्मित जो सीटी स्कैन मशीन लगवाई गई है, उसका संचालन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के जरिये किया जा रहा है। इस मशीन का संचालन आउटसोर्सिंग कंपनी कर रही है और यहां होने वाली जांचों का भुगतान शासन की ओर से किया जा रहा है।



लखनऊ-बरेली की समीक्षा में एमआरआइ मशीन का मुद्दा उठा था। सरकार की मंशा है कि यह मशीन जल्द ही उपलब्ध करा दी जाए। इसका संचालन भी पीपीपी मोड पर कराया जाएगा। इससे लोगों को काफी फायदा मिलेगा।
- डा. अजय मोहन अग्रवाल, प्रभारी अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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