search

लूटखसोट की फसल, जिला कृषि कार्यालय में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार का खेल, मुजफ्फरपुर का मामला

deltin33 2026-1-4 22:56:40 views 826
  

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।  



धीरेंद्र शर्मा, जागरण, कटरा (मुजफ्फरपुर) । जिला कृषि पदाधिकारी सुधीर कुमार को निगरानी ने 19 हजार रुपये रिश्वत लेते शनिवार को उनके निजी आवास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसके ठिकानों पर छापेमारी में निगरानी को करोड़ों की अवैध संपत्ति का पता चला है।

इसकी जांच चल रही है, मगर इस मामले में यह जरूर साबित कर दिया कि जिला कृषि कार्यालय में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। यह इसलिए कि जिला कृषि पदाधिकारी को रिश्वत देने वाला कर्मचारी संतोष कुमार साह भी घपले के आरोप में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है।

चयनमुक्त होने के बाद उसने योगदान के लिए दो लाख का सौदा कर लिया। इसकी पहली किश्त एक लाख 81 हजार रुपये देकर योगदान कर लिया। इतने तक विभाग के वरीय अधिकारी को जानकारी थी ना निगरानी को। यही नहीं संतोष ने निलंबित पत्नी दीपा कुमारी को भी योगदान करा दिया। दंपती पर कृषि विभाग में अनियमितता के गंभीर मामले हैं।

कृषि इनपुट और फसल क्षति अनुदान की राशि हड़पने के लिए एक ही परिवार के पांच-पांच सदस्यों के साथ दस वर्षीय बच्चे का नाम भी लाभार्थी सूची में जोड़ दिया। जांच में यह भी सामने आई कि रैयत किसानों की अनदेखी कर गैर-रैयतों को लाभ पहुंचाया गया।

संतोष ने विभागीय सेटिंग के सहारे ऐसा तंत्र खड़ा कर लिया था कि बोचहां में बीटीएम (प्रखंड तकनीकी प्रबंधक) रहते हुए भी उसने कटरा में कृषि समन्वयक के रूप में योगदान किया। इतना ही नहीं, पत्नी दीपा कुमारी की भी उसी प्रखंड में पोस्टिंग करा दी। दोनों ने अगल-बगल की पंचायतों में योगदान कर लिया और संतोष एक साथ दोनों का काम देखने लगा। बताया जाता है कि वरीय अधिकारियों तक मजबूत पकड़ के कारण लंबे समय तक यह खेल चलता रहा।
कटरा में पंचायत आवंटन का खेल

वर्ष 2022-23 में संतोष नगवारा पंचायत में कृषि समन्वयक के प्रभार में था। उस दौरान भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। वर्ष 2024 में उसके स्थानांतरण के बाद उसी पंचायत में उसकी पत्नी दीपा कुमारी को कृषि समन्वयक बनवा दिया गया। पति-पत्नी मिलकर सरकारी राशि के गबन में लगे रहे।

राशि निकासी के लिए वार्ड सदस्य के हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया। नगबारा पंचायत के वार्ड सदस्य प्रमोद चौपाल को जब यह जानकारी मिली कि उनके हस्ताक्षर का उपयोग मुआवजा राशि भुगतान में किया गया है, तो उन्होंने इसकी शिकायत बीडीओ और प्रखंड कृषि पदाधिकारी से की।

तत्कालीन बीडीओ शशि प्रकाश ने मामले की गहन जांच कराई। इसके बाद संतोष साह पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई और उसकी पत्नी दीपा कुमारी को निलंबित कर दिया गया। दीपा की पोस्टिंग मुशहरी में प्रखंड समन्वयक के रूप में कर दी गई है। संतोष ने दिसंबर में साहेबगंज बीटीएम पद पर पुनर्योगदान कर दिया था। प्रमोद का कहना है कि यदि कृषि विभाग में गहराई से जांच हो तो कई और लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
475833