ये एक्सरसाइज बनाएंगे फेफड़ों को मजबूत (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बढ़ते प्रदूषण का सबसे गंभीर असर हमारे फेफड़ों पर पड़ रहा है। हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 फेफड़ों के टिश्यूज को डैमेज करते हैं, जिसके कारण सीओपीडी, लंग इन्फेक्शन, अस्थमा आदि जैसी फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
प्रदूषण के अलावा एक्सरसाइज की कमी और खराब डाइट का भी फेफड़ों पर असर होता है। इसलिए फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना और भी जरूरी हो जाता है। लंग्स को मजबूत बनाने के लिए कुछ आसान एक्सरसाइज कर सकते हैं, जिनसे फेफड़ों की काम करने की क्षमता बढ़ती है।
डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग (पेट से सांस लेना)
इसे \“बेली ब्रीदिंग\“ भी कहा जाता है। यह तकनीक फेफड़ों की गहराई तक हवा पहुंचाने में मदद करती है और डायाफ्राम को मजबूत बनाती है।
कैसे करें-
- पीठ के बल लेट जाएं या सीधे बैठें।
- एक हाथ छाती पर और दूसरा पेट पर रखें।
- नाक से धीरे-धीरे सांस लें ताकि आपका पेट बाहर की ओर फूले, जबकि छाती स्थिर रहे।
- फिर धीरे-धीरे मुंह से सांस छोड़ें।
- फायदे- यह फेफड़ों की काम करने की क्षमता को बढ़ाता है और तनाव कम करता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
योग में अनुलोम-विलोम को रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए रामबाण माना गया है। यह फेफड़ों की काम करने की क्षमता को बढ़ाता है।
कैसे करें-
- सुखासन में बैठें।
- दाएं अंगूठे से दाईं नाक बंद करें और बाईं ओर से गहरी सांस लें।
- अब बाईं नाक बंद करें और दाईं ओर से सांस छोड़ें।
- यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से दोहराएं।
- फायदे- यह फेफड़ों के ऊतकों को लचीला बनाता है और अस्थमा जैसी समस्याओं में राहत देता है।
पर्स-लिप्ड ब्रीदिंग
यह एक्सरसाइज खासतौर से उन लोगों के लिए असरदार है, जिन्हें सांस फूलने की समस्या होती है। यह सांस छोड़ने की गति को धीमा करता है और वायुमार्ग को लंबे समय तक खुला रखता है।
कैसे करें-
- नाक से सामान्य रूप से सांस लें।
- सांस छोड़ते समय अपने होंठों को ऐसे सिकोड़ें जैसे आप किसी मोमबत्ती को फूंक मार रहे हों या सीटी बजाने वाले हों।
- सांस लेने की तुलना में सांस छोड़ने में दोगुना समय लगाएं।
- फायदे- यह फेफड़ों में फंसी हुई पुरानी हवा को बाहर निकालने में मदद करता है।
कार्डियो एक्सरसाइज
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए केवल सांस लेने वाले एक्सरासाइज ही काफी नहीं हैं, बल्कि हार्ट बीट बढ़ाने वाले एक्सरसाइज भी जरूरी हैं।
कैसे करें-
- हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज चलें, दौड़ें या स्विमिंग करें।
- फायदे- जब आप कार्डियो करते हैं, तो आपकी मांसपेशियों को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसे पूरा करने के लिए फेफड़ों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे वे समय के साथ बेहतर और शक्तिशाली हो जाते हैं।
भुजंगासन (कोबरा पोज)
यह योगासन छाती को फैलाने और फेफड़ों की काम करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए बहुत फायदेमंद है।
कैसे करें-
- पेट के बल लेट जाएं और हथेलियों को कंधों के पास रखें।
- सांस भरते हुए शरीर के अगले हिस्से (नाभि तक) को ऊपर उठाएं और आसमान की ओर देखें।
- कुछ सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।
- फायदे- यह फेफड़ों के जकड़न को कम करता है और रेस्पिरेटरी सिस्टम को बेहतर बनाता है।
सावधानियां
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए एक्सरसाइज के साथ-साथ स्मोकिंग से बचना, प्रदूषण में मास्क लगाना और हाइड्रेटेड रहना भी जरूरी है। यदि आपको फेफड़ों से जुड़ी कोई गंभीर बीमारी है, तो कोई भी नई एक्सरसाइज शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। |
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