फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सालों से बंद पड़ी इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड को पुनः चालू करने की दिशा में कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में वेदांता लिमिटेड प्रबंधन की सात सदस्यीय टीम ने बीते दिनों कंपनी परिसर, फैक्ट्री यूनिट और आवासीय कॉलोनी का निरीक्षण किया। शुक्रवार को टीम निरीक्षण कार्य पूरा कर वापस लौट गई है। निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट कंपनी मुख्यालय को सौंपी जाएगी, जिसके बाद पुनरुद्धार कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान टीम ने कंपनी भवनों की जर्जर स्थिति, गिर चुके हिस्सों और पुरानी मशीनों की हालत देखी। साथ ही बिजली आपूर्ति बहाल करने, जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी कार्ययोजना तैयार की गई है। फिलहाल कंपनी परिसर की चहारदीवारी और छतों की मरम्मत शुरू कर दी गई है। इसके अलावा नई मशीनों की स्थापना और अनुपयोगी मशीनों को हटाने को लेकर भी सर्वे किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से कैप्टन धनंजय मिश्रा और उनकी टीम भी लगातार निगरानी कर रही है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है। कंपनी संचालन शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूरी की जानी है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने तीन माह के भीतर कंपनी संचालन शुरू करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत ठेकेदारों, सुपरवाइजरों और इंजीनियरों की टीमें लगातार सर्वे और आकलन का कार्य कर रही हैं। इधर, कंपनी से जुड़े विभिन्न मदों में बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। वर्षों से सुरक्षा व्यवस्था में लगे सुरक्षा गार्डों, कानूनी सेवाओं, बिजली और पानी जैसे आवश्यक खर्चों से संबंधित देनदारियों की सूची तैयार कर भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा इंकैब के जमशेदपुर, पुणे और कोलकाता संयंत्रों के करीब 1600 कर्मचारियों के बकाया की रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई है। कंपनी प्रबंधन द्वारा अद्यतन रिपोर्ट भेजे जाने के बाद कर्मचारियों को बकाया राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। एनसीएलटी के आदेशानुसार 90 दिनों के भीतर सभी बकाया भुगतान किए जाने हैं। इंकैब के मजदूर नेता रामविनोद सिंह ने कहा कि समय रहते कंपनी को फिर से शुरू करने की तैयारी हो रही है। |
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