deltin33 • 2026-1-3 22:57:24 • views 415
ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। कानून के रखवाले एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को जान की सुरक्षा का भरोसा तक न दे सके। वह पहले तो हापुड़ पुलिस से मदद की गुहार लगाती रही। फरियाद अनसुनी होती देख वह दिल्ली पुलिस के चौखट पहुंची। यहां भी उसे निराशा हाथ लगी। उलटा वह आरोपितों के निशाने पर आ गई। खाकी के खिदमतगारों से हारी बेटी बेटी को आरोपित जान से मारने की धमकियां देने लगे। वह हर पल खौफ के साये में जीने लगी। अंतत: उसने एनसीआर ही छोड़ दिया। अब वह ओडिशा में जाकर बस गई है। यह खबर कई सवाल खड़े कर रही है। यह मात्र शहर और राज्य बदलने की नहीं दुख भरी दास्तां नहीं है, बल्कि यह खाकीधारियों की लचर कार्यशैली का जीता जागता प्रमाण है।
क्या है पूरा मामला?
ओडिशा की नाबालिग के साथ हापुड़ में पहले कई बार दुष्कर्म किया गया। गर्भवती होने पर उसको धमकाकर तीन लाख में सौदेबाजी की गई। उसके बाद पुलिस से सेटिंग करके चेक फ्रिज करा दिए। पीड़ित जान बचाकर दिल्ली पहुंची और अपने नाना की मदद से रिपोर्ट दर्ज कराई। दिल्ली से रिपोर्ट हापुड़ में जांच के लिए आई तो यहां सात आरोपितों में से छह के नाम निकाल दिए गए। उसके बावजूद पीड़िता को जान से मारने की धमकियां दी जाती रहीं। इससे भयभीत होकर पीड़िता ओडिशा चली गई। अभी भी आरोपित उसकी तलाश कर रहे हैं।
माता-पिता की कई साल पहले हो गई मौत
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के एक गांव की रहने वाली 17 वर्षीय किशोरी ने बताया कि उसके माता-पिता की मौत कई साल पहले हो चुकी है। वह अपने मामा के वहां पर रहती हैं। घर की माली हालत खराब होने से वह भरण-पोषण के लिए दिल्ली में अपनी सहेली के पास आ गईं। वहां से उसको बाहरी दिल्ली के मोहन गार्डन में स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक अर्जुन और उसकी पत्नी रीता के माध्यम से रेलवे रोड पर मयूर कोठी के रहने वाले राजीव अग्रवाल के यहां घरेलू सहायिका रखवा दिया।
राजीव के घर पर कई बार किया दुष्कर्म
राजीव अग्रवाल के रिश्तेदार की दुकान पर काम करने वाले विकास कुमार ने नाबालिग को हवस का शिकार बनाया। उसके साथ राजीव अग्रवाल के घर पर कई बार दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। उसने घटना की जानकारी प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक अर्जुन, उसकी पत्नी रीता, अपने मालिक राजीव अग्रवाल व उनकी पत्नी अदिति को दी। इस पर आरोपितों ने डरा-धमकाकर पीड़िता को दिल्ली भेज दिया।
डिलीवरी के नाम पर दिए तीन लाख
उसको डिलीवरी कराने के खर्च के नाम पर तीन लाख के चेक दिए। वहीं बच्चे को एक एनजीओ संचालक रेणु देवी की मदद से दो महिलाओं को बेच देने का सौदा किया गया। उसके बाद आरोपितों ने गलत चेक जारी हो जाने की बात कहकर उसका खाता फ्रिज करा दिया और उसको समझौते के बहाने फिर से हापुड़ बुलाया। यहां कुछ कागजात पर उसके हस्ताक्षर कराए गए। उसके बाद पीड़िता से फिर दुष्कर्म किया और दोबारा दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी देकर व मारपीट करके भगा दिया। उसका एक साल का वेतन भी नहीं दिया।
मेडिकल में हुई बार-बार दुष्कर्म की पुष्टि
पीड़िता की हापुड़ पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस पर वह दिल्ली के थाना रनहौला पहुंची। वहां पर एसआइ कोयल को अपने नाना के सामने घटना की जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस ने शून्य अपराध संख्या पर प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक अर्जुन, उसकी पत्नी रीता, उसके मकान मालिक राजीव अग्रवाल व उनकी पत्नी अदिति एनजीओ संचालिका रेणु देवी, नौकर विकास कुमार व एक अज्ञात सहित पर दुष्कर्म करने, दुष्कर्म में सहयोग करने, मारपीट करने और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके हापुड़ कोतवाली भेज दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता का मेडिकल परीक्षण दिल्ली पुलिस की एसआई ओमप्रभा द्वारा मंगोलपुरी अस्पताल में कराया। जिसमें बार-बार दुष्कर्म करने और गर्भवती होने की पुष्टि हुई। मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता ने उक्त सभी आरोपों की पुष्टि की।
हापुड़ पुलिस से सवाल
- पीड़िता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं हुई
- एक ही आरोपित को जेल भेजकर इतिश्री क्यों कर ली गई।
- अन्य आरोपितों के नामजद होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई
- जिस घर में अपराध घटित हुआ और प्लेसमेंट एजेंसी व एनजीओ संचालिका पर रहम क्यों
- पीड़िता को सुरक्षा का भरोसा क्यों नहीं दे पाई पुलिस
“एक आरोपित विकास को जेल भेज दिया है। अन्य का क्या करना है, यह जांच अधिकारी का कार्यक्षेत्र है। संवेदनशील मामला है, इसकी जानकारी नहीं दी जा सकती है। पुलिस अपना कार्य पूरी गंभीरता से कर रही है।“
-एसआई नरेंद्र कसाना, जांच अधिकारी।
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