सांपों के जादूगर जहीर। (जागरण)
नूतन चंद्र त्रिवेदी, रक्सौल(पूच)। कमर में मोबाइल, सिर पर पंजाबी अंदाज की पगड़ी और मुंह में पान- यह पहचान है उस शख्स की, जिसके सामने विषैले सांप भी अपना फन नीचे कर लेते हैं।
यह शख्स हैं जहीर, जिन्हें इलाके में लोग ‘सांपों के जादूगर’ के नाम से जानते हैं। अनुमंडल के रामगढ़वा प्रखंड अंतर्गत रामगढ़वा बाजार कोठी रोड स्थित इनके आवास पर अक्सर लोगों की भीड़ लगी रहती है।
जहीर बताते हैं कि वे 1980 के दशक से, महज पांच-छह वर्ष की उम्र से ही सांपों के साथ खेलते आ रहे हैं। बचपन का यही शौक धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया। स्कूल से आने-जाने के दौरान या सूचना मिलने पर वे लोगों के घर पहुंचकर सांपों को सुरक्षित पकड़ते हैं और कुछ खिलाने के बाद उन्हें आबादी से दूर छोड़ देते हैं। उनके घर के मुख्य द्वार पर पिंजड़ों में रखे सांपों की एक झलक पाने के लिए लोग रुक जाते हैं।
जहीर का कहना है कि वे किसी जादू-टोने से नहीं, बल्कि रेकी तकनीक के माध्यम से सांपों को पकड़ते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे मारे नहीं, बल्कि सूचना दें। इसके लिए उन्होंने अपना मोबाइल नंबर 6205761119 सार्वजनिक किया है।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी पत्नी रुबैदा खातून को क्षेत्र संख्या-4 से जिला परिषद सदस्य भी चुना गया था। जहीर की मौजूदगी से क्षेत्र के लोग सांपों के भय से काफी हद तक निश्चिंत हैं।
कुछ बीमारियों का भी करते हैं उपचार
जहीर पिछले लगभग दो दशकों से साइको-इफेक्ट से जुड़ी कुछ बीमारियों का भी इलाज करते हैं। इनमें सांपों का भय, भूत-प्रेत का डर, मिर्गी, पागलपन सहित अन्य समस्याएं शामिल हैं। प्रतिदिन दो-चार मामले उनके पास आते हैं और लोग राहत मिलने का दावा करते हैं।
आत्मरक्षा में ही काटते हैं सांप
जहीर का कहना है कि सांप तभी काटते हैं, जब उन्हें अपने ऊपर हमला होने का आभास होता है या वे अचानक पैरों तले आ जाते हैं। इसलिए घर में सांप निकलने पर उसे उकसाने के बजाय सुरक्षित तरीके से निकलवाना चाहिए, अन्यथा वह आक्रामक हो सकता है। |
|