फ्लश करने से पहले टॉयलेट का ढक्कन क्यों बंद करना चाहिए? (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी के लिए टॉयलेट फ्लश करना एक बहुत ही मामूली और मशीनी काम है। हम खड़े होते हैं, बटन दबाते हैं और बिना कुछ सोचे वहां से बाहर निकल जाते हैं (Flushing With Lid Open)। पानी की तेज आवाज के साथ हमें लगता है कि सारी गंदगी साफ हो गई है और अब सब कुछ सुरक्षित है, लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च ने इस भरोसे को तोड़ दिया है और जो सच्चाई सामने आई है, वह आपको सोचने पर मजबूर कर देगी।
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क्या कहती है नई रिसर्च?
\“अमेरिकन जर्नल ऑफ इन्फेक्शन कंट्रोल\“ में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस बात की गहराई से जांच की कि जब हम टॉयलेट फ्लश करते हैं, तो वास्तव में बाथरूम में क्या फैलता है। शोधकर्ताओं ने यह देखने के लिए ट्रैकिंग की कि ढक्कन खुला रखने और बंद रखने पर सूक्ष्म कण हवा में कैसे फैलते हैं।
परिणाम थोड़े असहज करने वाले थे। फ्लश करने से अदृश्य बूंदें हवा में ऊपर की ओर उड़ती हैं और आस-पास की सतहों पर जमा हो जाती हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि टॉयलेट का ढक्कन बंद करने से भी यह फैलाव पूरी तरह नहीं रुकता। अचानक, वह साधारण-सा फ्लश उतना सुरक्षित नहीं लगता जितना हम सोचते थे।
ढक्कन बंद होने पर भी क्यों बाहर आते हैं कीटाणु?
अध्ययन में पाया गया कि फ्लश करने पर छोटे कण हवा के दबाव के साथ तेजी से ऊपर की ओर धकेले जाते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि नंगी आंखों से दिखाई नहीं देते।
कई लोगों को यह जानकर हैरानी हुई कि ढक्कन बंद करने के बाद भी कुछ कण बाहर निकल जाते हैं। इसका कारण यह है कि टॉयलेट पूरी तरह से सील नहीं होते हैं। ढक्कन और सीट के बीच की खाली जगह से हवा और बूंदें बाहर निकल सकती हैं और बाथरूम में फैल सकती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि ढक्कन बेकार है, बल्कि यह प्रक्रिया उससे कहीं ज्यादा गंदगी फैलाने वाली है जितना हम कल्पना करते हैं।
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फिर ढक्कन बंद करना क्यों समझदारी है?
भले ही ढक्कन हर एक कण को नहीं रोकता, लेकिन इसे बंद करना अब भी बहुत फायदेमंद है। ढक्कन बंद करने से फ्लश का तरीका बदल जाता है:
- बड़ी बूंदों को रोकता है: ढक्कन बड़ी बूंदों को सीधे बाहर उड़ने के बजाय ढक्कन के निचले हिस्से से टकराने पर मजबूर करता है।
- घरेलू सामान की सुरक्षा: यह असली घरों में बहुत मायने रखता है जहां टूथब्रश, तौलिये और हमारे हाथ टॉयलेट के पास ही होते हैं।
- नमी का फैलाव कम: यह छींटों को रोकता है और नमी को दूर तक फैलने से बचाता है।
सिर्फ ढक्कन बंद करना काफी नहीं
केवल ढक्कन बंद करना ही काफी नहीं है, इसलिए सफाई की अन्य आदतों को भी अपनाना जरूरी है:
- नियमित सफाई: टॉयलेट सीट, हैंडल और आस-पास की सतहों की नियमित सफाई करना बहुत जरूरी है।
- वेंटिलेशन: बाथरूम में हवा का फ्लो बनाए रखना चाहिए। जो बाथरूम भाप और हवा को अंदर ही रोक लेते हैं, वहां कीटाणु ज्यादा देर तक टिके रहते हैं।
- सामान दूर रखें: टूथब्रश और अन्य व्यक्तिगत चीजों को टॉयलेट एरिया से थोड़ा दूर रखना भी समय के साथ बड़ा अंतर पैदा करता है।
Source: American Journal of Infection Control
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