CISF महिला बैंड ने जीता अखिल भारतीय पुलिस बैंड गोल्ड
नीलू रंजन, नई दिल्ली। CISF के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने 2 जनवरी 2026 को CISF मुख्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में CISF महिला बैंड को सम्मानित किया। इस समारोह में फोर्स मुख्यालय और दिल्ली स्थित CISF इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में बल के मुख्यालय और दिल्ली की विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह सम्मान 26वीं अखिल भारतीय पुलिस बैंड प्रतियोगिता में बैंड की शानदार सफलता के लिए दिया गया, जहां उन्होंने अनुशासन, सटीकता और पेशेवर कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में मिली अभूतपूर्व सफल
यह प्रतियोगिता 16 से 20 दिसंबर 2025 तक सिकंदराबाद में हुई थी। CISF महिला बैंड, जिसमें एक बैंड मास्टर, 33 मुख्य बैंड सदस्य और दो रिजर्व सदस्य शामिल थे, ने महिला ब्रास बैंड श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता।
इसके अलावा, उन्हें सर्वश्रेष्ठ महिला दल का समग्र पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ बैंड कंडक्टर का सम्मान भी मिला, जो L/CT लिडिया चिंगबियाकसियाम को दिया गया। देश में बहुत कम सुरक्षा बलों के पास महिला ब्रास बैंड हैं, ऐसे में यह उपलब्धि CISF के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह न केवल बल की औपचारिक क्षमताओं को उजागर करती है, बल्कि सांस्कृतिक क्षेत्र में भी इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती है।
टीम का नेतृत्व सहायक कमांडेंट (DMRC) श्रीमती भावना यादव ने टीम मैनेजर के रूप में किया। ASI/Exe अरुण छेत्री ने विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया, जबकि छह प्रशिक्षकों की टीम ने संगीत समन्वय और प्रस्तुति के उच्च स्तर को सुनिश्चित किया।
बैंड की स्थापना से लेकर अभी तक की यात्रा
CISF महिला बैंड की शुरुआत सितंबर 2023 में हुई थी। इसमें शामिल अधिकांश महिला कांस्टेबलों की भर्ती जनरल ड्यूटी एंट्री से की गई और कईयों के पास संगीत का कोई बैकग्राउंड नहीं था।
इन्हें मेजर (सेवानिवृत्त) नजीर हुसैन जैसे अनुभवी संगीत गुरुओं और IG सरोज कांत मल्लिक के नेतृत्व में चुना और प्रशिक्षित किया गया। सीमित समय में गहन मानसिक तैयारी, केंद्रित संगीत प्रशिक्षण और अनुशासित रिहर्सल से यह दल एक पेशेवर ब्रास बैंड में तब्दील हो गया।
स्थापना के बाद से इस बैंड ने राष्ट्रीय मंच पर मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। गणतंत्र दिवस परेड-2024, CISF दिवस परेड 2024 और 2025, तथा विशेष रूप से बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी-2025 में भागीदारी की, जो इस ऐतिहासिक आयोजन में किसी महिला बैंड की पहली भागीदारी थी।हालिया पुलिस बैंड प्रतियोगिता की जीत ने इसे उत्कृष्टता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बना दिया है।
महानिदेशक का प्रेरणादायक संदेश
इस मौके पर, DG CISF प्रवीर रंजन ने कहा, \“आज, हम यहां आपको सेलिब्रेट करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। खासकर महिलाओं की ताकत का जश्न मनाने के लिए। CISF धीरे-धीरे एक जेंडर-न्यूट्रल फोर्स बनने की ओर बढ़ रहा है।
पहले, कुछ भूमिकाओं पर पुरुष कर्मियों का दबदबा था, लेकिन आज महिलाएं वही महत्वपूर्ण भूमिकाएं आत्मविश्वास और काबिलियत के साथ निभा रही हैं। आपने न सिर्फ CISF की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं।
आप जो काम कर रही हैं, वह सच में अनोखा है। पूरा CISF परिवार आप में से हर एक पर गर्व महसूस करता है।\“ |