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100 शेयरों के बदले 177 शेयर पाने का मौका, देवयानी-सैफायर मर्जर से निवेशकों को ऐसे मिलेगा फायदा

Chikheang Half hour(s) ago views 221
  



नई दिल्ली। केएफसी और पिज्जा हट का चलाने वाली कंपनी सैफिर फूड्स इंडिया लिमिटेड (Sapphire Foods Share Price) का देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड (Devyani International Share Price ) में विलय होने वाला है। ये देश में क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) चेन भी चलाती है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत में फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी को समान स्टोर की बिक्री में गिरावट और मार्जिन के दबाव का सामना करना पड़ रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

प्रस्तावित सौदे के तहत, देवयानी कंपनी सैफायर के प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। कंपनी को संयुक्त यूनिट के ऑपरेशन के दूसरे पूर्ण वर्ष से 210 करोड़ रुपये से 225 करोड़ रुपये तक का सालाना लाभ होने की उम्मीद है।

इस व्यवस्था के अंतर्गत, समूह की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल, मौजूदा प्रमोटरों से सैफ़ायर फ़ूड्स की लगभग 18.5 प्रतिशत चुकता इक्विटी का अधिग्रहण करेगी और इस हिस्सेदारी को आपसी सहमति से चुने गए किसी वित्तीय निवेशक को हस्तांतरित करने का विकल्प भी उसके पास होगा।

यह विलय सामान्य नियामक और वैधानिक अनुमोदनों के अधीन है, जिसमें स्टॉक एक्सचेंजों, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरणों से मंजूरी के साथ-साथ दोनों कंपनियों के शेयरधारकों और लेनदारों से अनुमोदन शामिल हैं। अनुमोदन प्रक्रिया में लगभग 12 से 15 महीने लगने की उम्मीद है, जिसके बाद विलय प्रभावी हो जाएगा।

ये दोनों कंपनियां यम ब्रांड्स की साझेदार हैं और मिलकर भारत और विदेशों में 3,000 से अधिक आउटलेट संचालित करती हैं, जिनमें केएफसी और पिज्जा हट के रेस्टोरेंट भी शामिल हैं। ये कंपनियां मैकडॉनल्ड्स और डोमिनोज पिज्जा चेन के भारतीय संचालकों, वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड और जुबिलेंट फूडवर्क्स से प्रतिस्पर्धा करती हैं।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल अपने बयान में कहा, “लेनदेन पूरा होने पर, देवयानी इंटरनेशनल दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) संचालकों में से एक बन जाएगी, जिससे विलय की गई इकाई तीव्र विकास, विस्तार और लाभप्रदता के अगले चरण के लिए तैयार हो जाएगी।“

देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष रवि जयपुरिया ने कहा कि यह विलय समूह के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “विलय के परिणामस्वरूप देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड को पूरे भारतीय बाजार में केएफसी और पिज्जा हट ब्रांडों के लिए फ्रेंचाइजी अधिकार प्राप्त हो गए हैं। इसके अलावा, श्रीलंका में हमारी मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी जुड़ गई है, जो हमारे मौजूदा विदेशी परिचालन को और मजबूत करती है।”

सितंबर में समाप्त तिमाही में, सैफिर की समेकित कुल लागत सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 768 करोड़ रुपये हो गई, जबकि देवयानी का खर्च 14.4 प्रतिशत बढ़कर 1,408 करोड़ रुपये हो गया।

देवयानी ने 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 21.9 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में उसे 1.7 लाख रुपये का लाभ हुआ था। वहीं, सैफायर ने पिछले वर्ष के 3.04 करोड़ रुपये के घाटे की तुलना में 12.77 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया।
देवयानी इंटरनेशनल शेयर प्राइस टारगेट

देवयानी इंटरनेशनल शेयर अभी 145.70 रुपये पर है। यह पिछले छह महीनों में शेयर की कीमत में 12.1% और पिछले एक साल में 19.21% की गिरावट आई है। इस न्यूज के बीच UBS ने देवयानी इंटरनेशनल का शेयर प्राइस टारगेट बढ़ा कर 190 रुपये कर दिया है।

“शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।“
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी ब्रोकरेज हाउस की रिपोर्ट पर आधारित है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)

यह भी पढ़ें: नए साल के पहले दिन इस दिग्गज शेयर ने बिगाड़ा बाजार का मूड, अकेले स्टॉक ने कराया 50000 करोड़ रुपये का नुकसान
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