वॉरेन बफेट के रिटायरमेंट के बाद बर्कशायर का भविष्य
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के सबसे सफल और ताकतवर निवेशकों में शुमार और मार्केट गुरु वॉरेफ बफेट ने 60 साल बाद अपनी कंपनी बर्कशायर हैथवे के सीईओ पद से हटने की घोषणा कर चौंका दिया।
95 साल के बफेट ने काफी पहले ही कंपनी से विदाई की घोषणा कर दी थी। बफेट पहले भी दो बार सक्रिय व्यापार से दूर हो चुके हैं, लेकिन हर बार उन्होंने मजबूत वापसी की।
अब उनके उत्तराधिकारी ग्रेग एबल की क्षमताओं की असली परीक्षा शुरू हो गई है, जहां कंपनी का भविष्य अनिश्चितताओं से घिरा नजर आ रहा है।
बफेट के रिटायरमेंट का इतिहास
बफेट ने पहली बार 1956 में 25 साल की उम्र में कारोबार से ब्रेक लिया था। उस समय उनके गुरु और मशहूर निवेशक बेंजामिन ग्राहम ने अपना फंड बंद कर दिया, जिसके बाद बफेट नेब्रास्का लौट आए। यह अंतराल ज्यादा लंबा नहीं चला। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जल्द ही उन्होंने अपनी निवेश साझेदारी शुरू की और अपना ध्यान बर्कशायर हैथवे पर केंद्रित किया. जो उस समय एक कमजोर कपड़ा कंपनी थी। यही कंपनी आगे चलकर व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में शुमार हुई।
दूसरी बार 1969 में, 38 साल की आयु में बफेट ने संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने निवेशकों से ये कहते हुए फंड बंद कर दिया कि \“इस समय बाजार माहौल के अनुरूप नहीं है।\“ लेकिन यह फैसला भी अस्थायी साबित हुआ. जल्द ही बफेट ने कंपनी में वापसी कर ली.
बर्कशायर हैथवे का साम्राज्य
बर्कशायर हैथवे आज के समय वित्तीय महाशक्ति है। यह अमेरिका की दूसरी सबसे बड़ी बीमा कंपनी है, जिसके पास लगभग 34 लाख करोड़ रुपये की नकदी है।
कंपनी में करीब 200 कंपनियां शामिल हैं। इनमें बीएनएसएफ रेलवे, बिजली उत्पादन इकाइयां, ब्रूक्स रनिंग शूज जैसे उपभोक्ता ब्रांड और सीज कैंडी जैसी कंपनियां आती हैं। |