तीन छात्राओं के स्वजन ने दी थी तहरीर। सांकेतिक तस्वीर
संवाद सूत्र, उरुवा। एक सरकारी विद्यालय की तीन नाबालिग छात्राओं के साथ अश्लील हरकत की गई। विद्यालय का शिक्षक उन्हें अश्लील वीडियो दिखाकर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहा था। घटना बेलघाट थाना क्षेत्र की है। छात्राओं ने घटना की जानकारी स्वजन को दी तो तीनों के स्वजन ने थाने में तहरीर दी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
आरोप है कि पुलिस मामले को दबाकर बैठी थी और समझौते का दबाव बना रही थी। लेकिन, उच्चाधिकारियों को जब मामले की जानकारी हुई, तो उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस ने शिक्षक पर केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पूछताछ में शिक्षक ने पुलिस को बताया कि उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था।
एक गांव की रहने वाली तीनों छात्राएं एक सरकारी स्कूल में चौथी व पांचवीं कक्षा में पढ़ती हैं। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाने वाले एक 56 वर्ष के शिक्षक उन्हें अपने पास बुलाकर मोबाइल फोन में वीडियो और फोटो दिखाते थे। इसके साथ ही बैड टच भी करते थे।
विरोध करने पर डांट-फटकार कर चुप रहने की धमकी देते थे। उधर, घटना की जानकारी होने पर छात्राओं के परिवारीजन ने थाने में तहरीर दी। आरोप है कि पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए कुछ समय के लिए शिक्षक को हिरासत में लिया। फिर बिना केस दर्ज किए उसे छोड़ दिया। इससे छात्राओं में भय व असुरक्षा का माहौल बन गया।
छात्राएं मानसिक रूप से टूट गईं और विद्यालय जाने से मना करने लगीं। इस संबंध में एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी। कार्रवाई में देरी क्यों हुई, इसकी जांच की जा रही है।
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दो यूट्यूबरों पर ब्लैकमेल कर रुपये मांगने का आरोप
पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया कि क्षेत्र के दो यूट्यूबर शिक्षक को काफी दिनों से ब्लैकमेल कर रहे थे। रुपये मांग रहे थे। इसके बाद उन्होंने शिक्षक से एक लाख रुपये की मांग कर दी। जिसे देने में शिक्षक ने असमर्थता जतायी। आरोप है कि इसके बाद दोनों मामले को प्रसारित कर दिया।
अब पुलिस इन आरोपों को अपनी जांच में शामिल कर दी है। हालांकि पुलिस का कहना है कि शिक्षक के स्वजन की तरफ से तहरीर मिलने पर इसे गंभीरता से जांच के दायरे में लाया जाएगा। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी। |