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GST SCAM: ट्रैक्टर की किस्त नहीं चुका पाया किसान, पर कागजों में कर डाला 150 करोड़ का धंधा!

Chikheang 4 hour(s) ago views 416
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। कर चोरी के लिए बोगस फर्में आसान माध्यम बन गईं हैं। दूसरे के प्रपत्रों का प्रयोग करके, उनके नाम पर फर्म बनाकर कागजों पर करोड़ों रुपये का व्यापार दर्शाया जाता है। इसकी एवज में संबंधित दो से तीन प्रतिशत कमीशन दिया जाता है। इस तरह की फर्जी बिलिंग से राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसमें ऐसे लोग माध्यम बनाए जा रहे हैं जिनका असल कारोबार से दूर-दूर तक कोई वास्ता ही नहीं है। जिले की बात करें तो इस वर्ष यहां पर बोगस फर्म व उनसे फर्जी बिलिंग के कई मामले पकड़े जा चुके हैं, जिनमें शुरुआती जांच के दौरान ही 50 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी सामने आ चुकी है। आरोपितों पर प्राथमिकी व रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है।

शनिवार को कांट के मरेना गांव निवासी जिन सूरजपाल सिंह के नाम पर महादेव इंटरप्राइजेज फर्म बनाकर आइटी सर्विस की आड़ में 150 करोड़ का कारोबार दिखाया गया। उन्हें इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। 25 करोड़ के इनपुट टैक्स क्रेडिट आइटीसी का इस पर लाभ लिया गया, लेकिन सूरजपाल ने लोन पर जो ट्रैक्टर लिया था उसकी पूरी किस्त ही नहीं चुका पाए हैं।

बताया कि 36 बीघा खेती है। बड़ा बेटा ज्ञानेंद्र 14 साल पहले दिल्ली के होटल में वेटर था। तबीयत खराब होने पर घर चला आया। अब भी बीमार रहता है। छोटा बेटा गोपाल सिंह दिल्ली के शाहदरा स्थित अपनी बहन सीतू सिंह व बहनोई अतुलेश सिंह के पास रहकर एलएलबी कर रह है। अतुलेश एक रेस्तरां में कैशियर है।

चार वर्ष पूर्व फर्म उन लोगों के कहने पर बनाई थी। उस समय बिल्डिंग मैटेरियल का काम करना था, लेकिन उधारी अधिक होने के कारण काम बंद हाे गया। कुर्रिया कलां मार्ग पर धर्म कांटा लगाया, वह भी नहीं चल सका। आइटी सर्विस के नाम पर इतना अधिक कारोबार दिखाकर कर चोरी किन लोगों ने की, इसकी जानकारी उनको नहीं है।
शाहजहांपुर जीएसटी चोरी: प्रमुख मामलों का विवरण
20 मईनिगोही स्थित विनियर निर्माता एएच वुड प्रोडक्ट में जांच के दौरान पांच करोड़ की बिक्री पर मात्र छह हजार रुपये कर भुगतान पाया गया। जांच हुई तो पता चला कि दिल्ली की बोगस फर्मों के जरिए फर्जी आइटीसी लाभ लेने के लिए बिना वास्तविक सप्लाई के खरीद दर्शायी जा रही थी। साढ़े तीन करोड़ की कर चोरी सामने आई।
24 मईयूपीएसआईडीसी शाहजहांपुर स्थित खाद्य तेल फैक्ट्री सागर इंडस्ट्रीज में चार वर्षों में लगभग 60 करोड़ की बिक्री पर मात्र आठ लाख रुपये कर जमा दिखाया गया। दो करोड़ कर चोरी मानते हुए 55 लाख रुपये अर्थदंड लगाया।
13 जूनओसीएफ रामलीला मैदान में लगी प्रदर्शनी के आयोजक जेके एंटरटेनमेंट के इमरान अली खां ने व्यापारियों की वास्तविक बिक्री को कम दर्शाया। 80 लाख रुपये की कर चोरी मिली।
सितंबर बुलंदशहर के डीएम के आपरेटर साजिद के नाम पर बोगस फर्म बनाकर 10 करोड़ 78 लाख रुपये की कर चोरी का मामला पकड़ा गया था।
30 नवंबरजलालाबाद स्थित आलोक गुप्ता आयरन स्टोर में 15 करोड़ के लोहे की बिक्री बिना बिलों के की गईद्ध सिर्फ 49 हजार रुपये कर नकद अदा किया। जबकि कर लगभग 50 लाख था।
11 दिसंबरजीएसटी सचल दल ने पटना के पते पर बनी फर्म से हरिद्वार की फर्म को स्क्रैप का व्यापार दिखाने का फर्जीवाड़ा पकड़ा। फर्मों के पंजीरकण निरस्त कराए गए।


  

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